CG News: रायगढ़-बिलासपुर मेमू की लेटलतीफी से यात्री परेशान, ढाई घंटे का सफर 5 घंटे में हुआ पूरा
CG News: रायगढ़ से बिलासपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए मेमू ट्रेन की देरी परेशानी का कारण बन रही है. बुधवार को हालात ऐसे रहे कि सामान्य तौर पर करीब ढाई घंटे में पूरा होने वाला सफर लगभग पांच घंटे में पूरा हुआ. सुबह रायगढ़ से रवाना हुई ट्रेन कई जगह रुकने के बाद दोपहर करीब 12.40 बजे बिलासपुर पहुंची, जबकि निर्धारित समय सुबह 10 बजे था.
कई स्टेशनों के बीच आउटर पर रुकी ट्रेन
यात्रियों के मुताबिक मेमू को सक्ती, कोटमीसोनार, जयराम नगर और गतौरा समेत कई स्थानों पर रोक दिया गया. इस दौरान मालगाड़ियों और दूसरी ट्रेनों को आगे निकाला गया. लंबे समय तक ट्रेन के आउटर पर खड़े रहने के कारण यात्री सिग्नल मिलने और ट्रेन के दोबारा चलने का इंतजार करते रहे. ट्रेन को कितनी देर रोका जाएगा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई.
नौकरीपेशा यात्रियों की दिनचर्या प्रभावित
रायगढ़-बिलासपुर मेमू में सात कोच हैं और प्रत्येक कोच में करीब 90 यात्रियों के बैठने की क्षमता बताई जाती है. इसके अलावा बड़ी संख्या में यात्री खड़े होकर भी सफर करते हैं. रोजाना नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कामों के लिए बिलासपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन महत्वपूर्ण साधन है. ऐसे में लगातार देरी होने से समय पर कार्यस्थल पहुंचना मुश्किल हो रहा है.
एक सप्ताह से देरी की शिकायत
नियमित यात्रियों का कहना है कि बुधवार की देरी कोई अकेली घटना नहीं है. करीब एक सप्ताह से ट्रेन निर्धारित समय पर बिलासपुर नहीं पहुंच रही है. बार-बार आउटर पर रुकने और लंबे इंतजार के कारण यात्रियों को अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ रहा है. खासतौर पर नौकरीपेशा यात्रियों को ट्रेन की देरी के कारण कार्यालय पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
समय पर संचालन की मांग
लगातार हो रही देरी से परेशान यात्रियों ने रेलवे से मेमू के संचालन की व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है. यात्रियों का कहना है कि मालगाड़ियों और दूसरी ट्रेनों को प्राथमिकता देने के दौरान मेमू को लंबे समय तक आउटर पर खड़ा करने की स्थिति पर ध्यान दिया जाना चाहिए. नियमित यात्रियों ने ट्रेन को निर्धारित समय के आसपास चलाने और अनावश्यक इंतजार की स्थिति कम करने की मांग की है.