CG News: अगस्त की बारिश से बांधों में बढ़ा जलस्तर, कई जलाशय 100% भरे, कुछ से छोड़ा जा रहा पानी
CG News: अगस्त में लगातार हुई अच्छी बारिश का असर प्रदेश के बांधों और जलाशयों पर साफ दिखाई दे रहा है. कई बड़े, मध्यम और छोटे जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है और कुछ जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं. ओवरफ्लो की स्थिति वाले जलाशयों से अतिरिक्त पानी भी छोड़ा जा रहा है. 30 अगस्त तक प्रदेश के बांधों में औसत जल भंडारण 88% से ज्यादा पहुंच गया, जबकि 30 जुलाई को यह करीब 79% था.
दो बड़े बांध अब भी 50% से कम
प्रदेश के लगभग सभी संभागों में हुई बारिश से जलाशयों की स्थिति मजबूत हुई है. हालांकि, कुछ बड़े बांध अभी भी आधे से कम भरे हैं. बिलासपुर जिले के अरपा भैंसाझार में करीब 37.42% और रायगढ़ के केलो बांध में 37.03% जलभराव दर्ज किया गया है. इसके बावजूद कई अन्य जलाशयों में बेहतर जलस्तर से आने वाले समय में पानी की उपलब्धता को लेकर उम्मीद बढ़ी है.
तीन साल में इस बार बेहतर स्थिति
पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त के अंत में बांधों में जल भंडारण लगभग समान स्तर पर रहा है. वर्ष 2024 में 30 अगस्त को औसत जल भंडारण करीब 85% और 2025 में लगभग 84% दर्ज किया गया था. वहीं, इस वर्ष यह आंकड़ा 88% से अधिक पहुंच गया है. यानी पिछले दो वर्षों के मुकाबले इस बार अगस्त के अंत में जलाशयों की स्थिति बेहतर बनी हुई है.
कई जलाशय हुए लबालब
बिलासपुर का खारंग जलाशय 100% भर चुका है, जबकि धमतरी के रविशंकर जलाशय में जलभराव 90% से ऊपर पहुंच गया है. गंगरेल जलाशय में भी एक महीने के भीतर करीब 23% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं, मुरुमसिल्ली में करीब 98.82%, कोडार में 100% और मिनीमाता बांगो में 90.78% जलभराव दर्ज किया गया. कुछ जलाशयों में क्षमता के करीब पानी पहुंचने के कारण अतिरिक्त जल निकासी भी की जा रही है.
छोटे जलाशयों की स्थिति भी सुधरी
मध्यम और लघु जलाशयों में भी बारिश का सकारात्मक असर देखने को मिला है. राजनांदगांव के मोंगरा बैराज में कुछ समय पहले जलस्तर बेहद कम था, जो बढ़कर करीब 76% तक पहुंच गया है. महासमुंद का कोडार बांध भी लंबे समय बाद 100% भराव के स्तर पर पहुंचा है. जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अच्छी बारिश से वर्तमान जल संकट की स्थिति में सुधार हुआ है और अगले वर्ष के लिए भी पर्याप्त जल भंडारण की उम्मीद मजबूत हुई है.
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