CG News: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
CG News: छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि नया शिक्षा सत्र शुरू हुए करीब दो महीने हो चुके हैं, लेकिन कई स्कूलों में अब भी शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है. कांग्रेस का दावा है कि इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है.
57 हजार पद खाली होने का दावा
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 57 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. उनका आरोप है कि पिछले ढाई वर्षों में सरकार नियमित शिक्षक भर्ती नहीं कर सकी. साथ ही उन्होंने कहा कि संविलियन प्रक्रिया के दौरान कई पद समाप्त किए गए और बड़ी संख्या में स्कूलों को भी बंद किया गया.
भर्ती घोषणाओं पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने सरकार की शिक्षक भर्ती संबंधी घोषणाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि पहले 35 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की गई, बाद में बजट में 20 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान हुआ और फिर 5 हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द शुरू करने की बात कही गई. कांग्रेस का आरोप है कि इन घोषणाओं के बावजूद भर्ती प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है.
सेवानिवृत्ति के बाद नहीं हो रहीं नई नियुक्तियां
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हर महीने बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके स्थान पर नियमित नियुक्तियां नहीं हो रही हैं. पार्टी का दावा है कि कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कुछ स्थानों पर सहायक शिक्षक ही उच्च कक्षाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
बुनियादी सुविधाओं की कमी का आरोप
कांग्रेस ने स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है. पार्टी का आरोप है कि कई विद्यालयों में अब तक पाठ्यपुस्तकें पूरी तरह नहीं पहुंची हैं. इसके अलावा अनेक स्कूल भवन जर्जर हैं, जहां बारिश के दौरान पानी टपकने की समस्या बनी रहती है. स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया गया है.
व्यवस्था सुधारने की मांग
कांग्रेस ने राज्य सरकार से शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने, रिक्त पदों को भरने और सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. फिलहाल सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.