CG News: तबादले के बाद रिलीविंग नहीं रोक सकता विभाग, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का राज्य सरकार को निर्देश
CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के तबादले और कार्यमुक्ति (रिलीविंग) को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी का स्थानांतरण हो चुका है तो विभाग केवल विकल्प उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर उसकी रिलीविंग अनिश्चितकाल तक नहीं रोक सकता. कोर्ट ने राज्य सरकार को संबंधित कर्मचारी को 20 दिनों के भीतर कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है.
एक साल बाद भी नहीं मिली थी रिलीविंग
याचिकाकर्ता चंद्रशेखर मंडावी, जो नारायणपुर जिले के ओरछा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत हैं, ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने बताया कि जून 2025 में उनका तबादला कांकेर जिले के आमाबेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया.
कोर्ट ने नियमों की व्याख्या की
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की एकल पीठ ने कहा कि संबंधित शासन आदेश के अनुसार रिलीविंग पर रोक केवल उन मामलों में लागू होती है, जहां कर्मचारी का तबादला अनुसूचित क्षेत्र से गैर-अनुसूचित क्षेत्र में किया गया हो. चूंकि इस मामले में दोनों स्थान अनुसूचित क्षेत्र में आते हैं, इसलिए इस आधार पर कर्मचारी को रोका नहीं जा सकता.
शासन ने रखा अपना पक्ष
राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि संबंधित पद पर अभी तक दूसरे कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हुई है, इसलिए याचिकाकर्ता को कार्यमुक्त नहीं किया गया. शासन का कहना था कि अनुसूचित क्षेत्रों के पद खाली नहीं छोड़े जा सकते.
20 दिनों में रिलीव करने का निर्देश
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को 20 दिनों के भीतर कार्यमुक्त किया जाए. अदालत के इस फैसले को तबादला और रिलीविंग से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.