CG News: छत्तीसगढ़ के CBSE स्कूलों में किताबों का अकाल, नए सत्र की पढ़ाई प्रभावित
CG News: छत्तीसगढ़ के सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 9 के नए सत्र की पढ़ाई किताबों की कमी से प्रभावित हो रही है। नए पाठ्यक्रम की कई महत्वपूर्ण पुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं हैं। संस्कृत की जगह पुरानी किताब से पढ़ाई कराई जा रही है, जबकि गणित और सामाजिक विज्ञान की किताबों का इंतजार जारी है।
नए सिलेबस के बावजूद किताबें नहीं पहुंचीं
छत्तीसगढ़ के सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 9 के विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा नया पाठ्यक्रम लागू किए जाने के बावजूद कई आवश्यक पाठ्यपुस्तकें अब तक बाजार और स्कूलों तक नहीं पहुंच सकी हैं। किताबों की कमी के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और छात्र पूरी तैयारी के साथ पढ़ाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
संस्कृत की जगह छठी की किताब
सबसे अधिक परेशानी संस्कृत विषय को लेकर सामने आई है। नई पुस्तक उपलब्ध नहीं होने के कारण कई स्कूलों में विद्यार्थियों को फिलहाल छठी कक्षा की संस्कृत पुस्तक के आधार पर पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा गणित और सामाजिक विज्ञान की कुछ नई किताबें भी अभी तक उपलब्ध नहीं हुई हैं। ऐसे में शिक्षक वैकल्पिक सामग्री और पुराने संसाधनों के सहारे पढ़ाई कराने को मजबूर हैं।
छात्र और अभिभावक चिंतित
जानकारी के अनुसार, नई किताबों की उपलब्धता दिसंबर तक होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि वार्षिक परीक्षाएं फरवरी से शुरू हो जाएंगी। ऐसे में विद्यार्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। इस स्थिति ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि किताबें समय पर उपलब्ध नहीं हुईं तो नए पाठ्यक्रम की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी दोनों प्रभावित होंगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित प्रकाशक और शिक्षा से जुड़े विभाग विद्यार्थियों तक पुस्तकें जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।