CG News: छत्तीसगढ़ के शिक्षक संतोष गुप्ता का कमाल, साइकिल से तय किया 1 लाख किमी का सफर, देशभर में हो रही चर्चा
CG News: छत्तीसगढ़ के एक शिक्षक ने अपने अद्भुत संकल्प और जुनून से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी आज देशभर में चर्चा हो रही है। संतोष गुप्ता साइकिल से 1 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुके हैं और अपने सफर के जरिए समाज को सकारात्मक संदेश भी दे रहे हैं।
साइकिल से नापीं भारत की चारों सीमाएं
संतोष गुप्ता ने मात्र छह वर्षों के भीतर भारत की चारों दिशाओं की सीमाओं तक साइकिल यात्रा पूरी की है। उनका यह सफर केवल रोमांच नहीं, बल्कि देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति जैसे सामाजिक संदेशों से भी जुड़ा हुआ है।
धमतरी की रेस में भी दिखाया दम
हाल ही में धमतरी के गंगरेल बांध के किनारे आयोजित मेगा साइकिल रेसिंग प्रतियोगिता में भी उन्होंने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान तकनीकी कारणों से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा और बीच रास्ते में उनकी साइकिल भी खराब हो गई, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने चौथा स्थान हासिल कर अपनी क्षमता का परिचय दिया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज
संतोष गुप्ता के नाम साइकिलिंग से जुड़ा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है। वे प्रतिदिन कम से कम 70 किलोमीटर साइकिल चलाने का लक्ष्य रखते हैं और वर्षों से इस अनुशासन का पालन कर रहे हैं।
रोज साइकिल से पहुंचते हैं स्कूल
वर्तमान में संतोष गुप्ता शासकीय प्राथमिक शाला सल्फा-सरगांव, विकासखंड पथरिया में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। खास बात यह है कि वे आज भी नियमित रूप से साइकिल से ही स्कूल जाते हैं और अपने विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण बने हुए हैं, अपने साइकिलिंग अभियान के दौरान उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी, बिलासपुर से नेपाल सीमा, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, तथा खारदुंगला, लेह और लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्रों तक साइकिल यात्रा की है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी उनका उत्साह कभी कम नहीं हुआ।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने संतोष
संतोष गुप्ता का मानना है कि साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी प्रभावी माध्यम है। उनका जीवन संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन के बल पर असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं, एक शिक्षक, खिलाड़ी और समाजसेवी के रूप में संतोष गुप्ता ने साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। उनका 1 लाख किलोमीटर का सफर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।