CG News: बेमेतरा में प्रशासन पर बरसे विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, बोले- मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
CG News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराज नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्वागत और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में हुई कथित चूक पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन बताया।
मुख्यमंत्री के स्वागत को लेकर उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के स्वागत और सम्मान में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्वागत पीछे की ओर से किया गया, जो स्थापित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की व्यवस्था मुख्यमंत्री की गरिमा और पद की महत्ता के अनुरूप दिखाई नहीं दी, जिससे प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े होते हैं।
कलेक्टर और एसपी को सुनाई खरी-खरी
विधानसभा अध्यक्ष ने मंच से ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों को प्रोटोकॉल और प्रशासनिक नियमों की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होनी चाहिए।
डॉ. रमन सिंह की यह नाराजगी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
अव्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह के दौरान मौसम खराब होने से कार्यक्रम प्रभावित हो गया। तेज आंधी और बारिश के बाद व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त हो गईं, जिस पर भी विधानसभा अध्यक्ष ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
“ढाई घंटे में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी”
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाया, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मौसम खराब होने के बाद भी अधिकारियों ने स्थिति को संभालने के लिए त्वरित निर्णय नहीं लिया और करीब ढाई घंटे तक कोई उपयुक्त वैकल्पिक स्थान नहीं खोजा जा सका।
प्रशासन की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन की तैयारियों और आपातकालीन प्रबंधन क्षमता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।