CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला, अमित जोगी को उम्रकैद, सुप्रीम कोर्ट में 20 अप्रैल को सुनवाई
CG News: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि जब सभी आरोपियों के खिलाफ समान सबूत हों, तो किसी एक आरोपी को अलग तरीके से नहीं छोड़ा जा सकता।
अदालत का आदेश और जुर्माना
हाईकोर्ट ने IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1000 रुपए जुर्माना दिया है। जुर्माना न देने पर 6 महीने अतिरिक्त की सजा होगी। अमित जोगी को 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में अपील और सुनवाई
अमित जोगी ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने मामला स्वीकार करते हुए 20 अप्रैल 2026 को सुनवाई तय की है। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजीव मेहता की बेंच में होगी।
जग्गी हत्याकांड का इतिहास
4 जून 2003 को राजधानी रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 अभियुक्त बनाए गए, जिनमें से अधिकांश को सजा हुई, जबकि अमित जोगी पहले बरी कर दिए गए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेजा।
हाईकोर्ट का पिछला निर्णय
हाईकोर्ट ने पहले रामावतार जग्गी हत्याकांड के दोषियों की अपील खारिज कर दी थी और आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी थी। CBI ने इस मामले में अमित जोगी समेत कई लोगों को हत्या और साजिश के आरोपों में शामिल पाया।
आरोप और राजनीतिक पृष्ठभूमि
रामावतार जग्गी, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी थे। हत्या के पीछे तत्कालीन राज्य सरकार की प्रायोजित साजिश के आरोप लगाए गए। इस मामले में 28 लोगों को दोषी ठहराया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों और स्थानीय नेताओं का भी नाम शामिल है।