CG News: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व मंत्री कवासी लखमा और भूपेश बघेल के बेटे समेत 82 आरोपियों के बयान दर्ज
CG News: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में आज ED की स्पेशल कोर्ट में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पेश हुए। उनके साथ 59 नए आरोपी और 28 आबकारी अधिकारी भी कोर्ट में पेश हुए।
ED ने दाखिल की फाइनल चार्जशीट
एडवोकेट फैजल रिजवी ने बताया कि पहले से ही अभियोग पत्र कोर्ट में पेश था। ED ने फाइनल चार्जशीट दाखिल की, जिसमें प्रारंभ में 23 आरोपी थे, अब यह संख्या बढ़कर 82 हो गई है। जांच के दौरान किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया और चार्जशीट बिना गिरफ्तारी के पेश की गई।

तीन दिन पहले की कार्रवाई
तीन दिन पहले EOW ने शराब निर्माता कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की थी और उनके ट्रक जब्त किए थे। इसके अलावा कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के अकाउंटेंट समेत 4 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया गया, ED और EOW वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की तलाश कर रही हैं। वे कई सालों से फरार हैं और जांच में उनके कागजात और भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

क्या है शराब घोटाला?
ED की FIR के अनुसार इस घोटाले में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के कथित गबन के आरोप हैं। इसमें तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर शामिल थे।
A, B और C कैटेगरी में घोटाला
• A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन, प्रति पेटी 75-100 रुपए।
• B: नकली होलोग्राम वाली शराब सरकारी दुकानों में बेचना।
• C: डिस्टलरीज के सप्लाई एरिया को कम-ज्यादा कर अवैध धन उगाही।
एजेंसी के अनुसार तीन वित्तीय वर्ष में सिंडिकेट ने केवल पार्ट C के माध्यम से 52 करोड़ रुपए की राशि वसूली की।
सरकारी और निजी मिलीभगत
सिंडिकेट में आबकारी विभाग के अधिकारी, डिस्टलरी मालिक और दुकान कर्मचारी शामिल थे। नकली होलोग्राम वाली शराब की बिक्री के लिए सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गई और एमआरपी भी सिंडिकेट के अनुसार तय की गई।