CG News: छत्तीसगढ़ में बढ़ी बिजली की खपत, राज्य महंगी बिजली खरीदने पर मजबूर
CG News: गर्मी की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत तेजी से बढ़ गई है। चैत्र माह में ही घरेलू बिजली की मांग 6400 से 6500 मेगावॉट के बीच पहुंच गई है। पंखा, कूलर और एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ने से बिजली पर दबाव साफ नजर आ रहा है।

उत्पादन क्षमता कम, महंगी खरीदारी
राज्य में बिजली उत्पादन की कुल क्षमता लगभग 2840 मेगावॉट है, जो वर्तमान मांग के मुकाबले काफी कम है। इस स्थिति में सरकार को सेंट्रल पूल और निजी कंपनियों से बिजली खरीदनी पड़ रही है। महंगी बिजली खरीदने से सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है।
धान की खेती बढ़ा रही खपत
गर्मी में बिजली की बढ़ती खपत का एक बड़ा कारण धान की सिंचाई भी है। जांजगीर-चांपा, रायगढ़, धमतरी, महासमुंद और जशपुर जिलों में किसान मोटर पंप का उपयोग कर धान की खेती कर रहे हैं। इससे बिजली की मांग और बढ़ जाती है।
बिजली की मांग हर साल बढ़ रही है
छत्तीसगढ़ में औद्योगिकीकरण और बढ़ते शहरीकरण के चलते बिजली की मांग सालाना लगभग 7.5% की दर से बढ़ रही है। इसी रफ्तार से वृद्धि जारी रही तो वर्ष 2029-30 तक राज्य को 8805 मेगावॉट बिजली की जरूरत होगी, पिछले साल प्रदेश में बिजली की अधिकतम खपत 7006 मेगावॉट तक हुई थी। इस साल भी गर्मी और धान की सिंचाई के कारण खपत इसी स्तर के आसपास रहने की संभावना है।