CG News: महतारी वंदन योजना में बड़ा बदलाव, 1.55 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम हटे, सत्यापन में सामने आई वजह
CG News: छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है, राज्य सरकार ने योजना के तहत लाभ ले रही 1 लाख 55 हजार से ज्यादा महिलाओं के नाम हितग्राही सूची से हटा दिए हैं, महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई पात्रता जांच, दस्तावेज सत्यापन और अन्य कारणों के आधार पर की गई है.
सत्यापन के बाद हटाए गए हजारों नाम
विभाग के मुताबिक, जिन महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें कई ऐसे मामले सामने आए जहां हितग्राही की मृत्यु हो चुकी थी, कुछ महिलाएं दूसरे राज्यों में स्थानांतरित हो गईं, वहीं कुछ मामलों में आयु संबंधी बदलाव और दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई, जिलावार आंकड़ों की बात करें तो सबसे ज्यादा नाम रायपुर जिले में हटाए गए हैं, यहां 12 हजार 43 महिलाओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं, वहीं बीजापुर जिले में नए पात्र हितग्राहियों के जुड़ने से लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
फर्जीवाड़े के बाद तेज हुआ था सत्यापन अभियान
महतारी वंदन योजना साल 2024 में उस समय काफी चर्चा में आई थी, जब अभिनेत्री सनी लियोनी के नाम से फर्जी आवेदन कर राशि जारी होने का मामला सामने आया था, जांच में पता चला था कि गलत दस्तावेजों के जरिए योजना का लाभ लेने की कोशिश की गई थी, इस मामले के बाद सरकार ने योजना के हितग्राहियों का दोबारा सत्यापन अभियान शुरू किया, जिसके बाद बड़ी संख्या में अपात्र महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए.
महतारी वंदन योजना से जुड़े चर्चित मामले
बस्तर जिले के तालुर गांव में अभिनेत्री सनी लियोनी के नाम से आवेदन किया गया था, जांच में सामने आया कि वीरेंद्र कुमार जोशी के खाते में योजना की राशि ट्रांसफर हुई थी, इसके अलावा पेंड्रा निवासी कलम सिंह कंवर ने भी योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन सत्यापन के बाद उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया, वहीं खैरागढ़ जिले के मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू, जो सीएससी सेंटर संचालित करता है, उसके खाते में भी करीब एक साल तक महतारी वंदन योजना की राशि पहुंचती रही थी, जांच के बाद इस मामले में भी कार्रवाई की गई.
सरकार ने बताई कार्रवाई की वजह
सरकार का कहना है कि महतारी वंदन योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचाना ही उद्देश्य है, इसलिए समय-समय पर हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है, मृत महिलाओं, गलत जानकारी देने वाले आवेदकों, पात्रता नियमों को पूरा नहीं करने वाली महिलाओं और दस्तावेजों में गड़बड़ी पाए जाने वाले हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए गए हैं, सरकार की इस कार्रवाई के बाद अब योजना की लाभार्थी सूची को और अधिक पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया जारी है.