CG News: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: रायपुर जेल में अनवर ढेबर की मुश्किलें बढ़ीं, EOW की कार्रवाई शुरू
CG News: रायपुर सेंट्रल जेल में बंद अनवर ढेबर की मुश्किलें बढ़ गई हैं, छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने उन्हें CSMCL में ओवरटाइम भुगतान के नाम पर हुए घोटाले में गिरफ्तार कर कस्टोडियल रिमांड पर लिया है, 19 फरवरी को इसी मामले में आबकारी उपायुक्त नवीन प्रताप सिंह तोमर को भी गिरफ्तार किया गया था.
घोटाले का खुलासा
जांच में सामने आया कि, 2019-20 से 2023-24 के बीच CSMCL में मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम भत्ते के नाम पर 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की गई, इसमें अनवर ढेबर को भी मोटी रकम मिली है.
अवैध लेनदेन और कमीशन का खेल
जांच में पता चला कि, CSMCL के अधिकारियों की मिलीभगत से एजेंसियों को भुगतान किए गए और इसका एक हिस्सा कमीशन के रूप में रिश्वत की तरह लिया गया, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 28.8 लाख रुपए जब्त किए, जो एजेंसियों से लेकर तत्कालीन उप महाप्रबंधक नवीन प्रताप सिंह तोमर तक पहुंचाने का आरोप है.
अनवर ढेबर की भूमिका
अनवर ढेबर पर आरोप है कि, उन्होंने मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के साथ मिलकर ओवरटाइम भत्ते के नाम पर करोड़ों का हेरफेर किया, अधिकांश मामलों में राशि कर्मचारियों तक नहीं पहुंची और एजेंसियों ने इसे अवैध कमीशन के रूप में बांटा.
FIR और ED की कार्रवाई
मामले की शुरुआत 29 सितंबर 2023 को हुई, जब ED ने तीन व्यक्तियों से करीब 28 लाख रुपए कैश जब्त किए, इसके आधार पर EOW ने FIR दर्ज की, इसके बाद आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त नवीन तोमर की गिरफ्तारी हुई, अनवर ढेबर की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ नया केस दर्ज किया गया.
पुलिस रिमांड और आगे की कार्रवाई
23 फरवरी को जेल में बंद अनवर ढेबर को रायपुर के विशेष न्यायालय में पेश किया गया, अदालत ने उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया, संभावना है, शराब कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और आबकारी अधिकारियों पर भी EOW की कार्रवाई तेज हो सकती है.
बड़े पैमाने पर घोटाला
ED की जांच में खुलासा हुआ कि, भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के माध्यम से 32 सौ करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला किया गया.