बिलासपुर एयरपोर्ट को मिली नाइट लैंडिंग की मंजूरी: अब खराब मौसम और रात में भी उड़ान संभव, नए रूट जुड़ने की तैयारी
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट को लंबे इंतजार के बाद बड़ी उपलब्धि मिली है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरपोर्ट को 3C-IFR (इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स) लाइसेंस जारी कर दिया है। इसके साथ ही अब यहां रात में, बारिश या खराब मौसम के दौरान भी विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सकेगी।
DGCA के निदेशक चंद्रमणि पांडेय ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से यह लाइसेंस जारी किया। इससे पहले एयरपोर्ट केवल 3C-VFR श्रेणी में था, जहां दृश्यता जरूरी होती थी।
समर शेड्यूल में बदलेंगे उड़ानों के समय
नाइट लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद आगामी समर शेड्यूल में उड़ानों के टाइम स्लॉट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पहली बार बिलासपुर से शाम और रात की फ्लाइट्स शुरू होने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, फरवरी के अंत तक नाइट लैंडिंग सिस्टम पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा।
नई फ्लाइट्स और नए शहर जुड़ने की संभावना
लाइसेंस मिलने के बाद निजी एयरलाइंस की रुचि भी तेजी से बढ़ी है।
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इंडिगो की ओर से बिलासपुर को हैदराबाद, कोलकाता और इंदौर से जोड़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
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स्पाइसजेट प्रयागराज और वाराणसी रूट पर 78-सीटर विमानों के संचालन की योजना बना रही है।
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आकासा एयर भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार के तहत बिलासपुर को संभावित गंतव्य मान रही है।
बारिश और कम विजिबिलिटी अब बाधा नहीं
अब तक खराब मौसम में यहां फ्लाइट संचालन प्रभावित होता था। लेकिन 3C-IFR लाइसेंस मिलने के बाद रनवे पर आधुनिक उपकरणों की मदद से शून्य दृश्यता में भी सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी।
इस सुविधा के लिए 2022 से प्रयास चल रहे थे, लेकिन डीवीओआर सिस्टम की स्थापना और तकनीकी मंजूरियों में समय लगा।
DGCA की शर्तें भी लागू
नाइट ऑपरेशन की अनुमति के साथ DGCA ने कुछ अनिवार्य शर्तें तय की हैं-
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मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्त पालन
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बिजली, विजिबिलिटी और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं
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आवश्यक मैनपावर की तैनाती
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ई-AIP इंडिया पोर्टल पर एयरपोर्ट की पूरी जानकारी अपडेट करना
ई-AIP एक अंतरराष्ट्रीय डिजिटल डायरेक्टरी है, जिससे दुनियाभर के पायलट और एयरलाइंस एयरपोर्ट की तकनीकी जानकारी लेते हैं।
शहर के विकास को मिलेगी रफ्तार
नाइट लैंडिंग शुरू होने से बिलासपुर एयरपोर्ट पर 24 घंटे संचालन का रास्ता खुल गया है। इससे-
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यात्रियों को अधिक शहरों के लिए सीधी उड़ानें
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नाइट पार्किंग और सुबह जल्दी उड़ानों की सुविधा
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स्थानीय रोजगार और निवेश में बढ़ोतरी
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एयरलाइंस के बीच प्रतिस्पर्धा से किराए में कमी
जैसे फायदे मिलने की संभावना है।
अगला लक्ष्य: 4C कैटेगरी
अब एयरपोर्ट प्रशासन की नजर इसे 4C श्रेणी में अपग्रेड कराने पर है। इससे बड़े विमानों का संचालन संभव होगा और बिलासपुर क्षेत्रीय हवाई नक्शे पर और मजबूत स्थिति में आ सकेगा।