CG News : भिलाई कॉलेज में हंगामा करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, प्राचार्य से अभद्रता और सरकारी काम में बाधा का मामला
भिलाई के कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय में घुसकर उत्पात मचाने और प्राचार्य के साथ अभद्र व्यवहार करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अनुशासन भंग करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
भिलाई नगर थाना पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनके नाम हैं –
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अतुल कुमार चौधरी (19 वर्ष) – निवासी खुर्सीपार
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केतन तिवारी (23 वर्ष) – निवासी नेहरू नगर, सुपेला
वारदात के बाद आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
प्राचार्य कक्ष में चल रहा था सरकारी कार्य
थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा के अनुसार, 9 दिसंबर को कल्याण पीजी कॉलेज, सेक्टर-7 भिलाई में प्राचार्य कक्ष के भीतर परीक्षा फॉर्मों की जांच और हस्ताक्षर से संबंधित शासकीय कार्य किया जा रहा था।
इसी दौरान कॉलेज का पूर्व छात्र आकाश कन्नौजिया अपने साथियों के साथ नारेबाजी करता हुआ बिना अनुमति कॉलेज परिसर में दाखिल हुआ।
कक्ष में घुसकर तोड़फोड़ और गाली-गलौज
आरोप है कि समूह में शामिल लोगों ने –
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प्राचार्य कक्ष में घुसकर गाली-गलौज की
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प्राचार्य की मेज का कांच तोड़ दिया
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सरकारी दस्तावेज फेंक दिए और कुछ फाड़ दिए
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कागजात पर स्याही डालकर उन्हें खराब किया
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जूतों की माला पहनाने का प्रयास किया
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प्राचार्य की नाम पट्टिका पर स्याही पोत दी
घटना के दौरान कक्ष में धक्का-मुक्की हुई और कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राचार्य की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
घटना के बाद प्राचार्य की लिखित शिकायत पर भिलाई नगर थाने में सरकारी कार्य में बाधा, संपत्ति नुकसान और अभद्र व्यवहार से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
पुलिस इस प्रकरण में पहले ही कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एनएसयूआई के महासचिव आकाश कन्नौजिया समेत अन्य शामिल हैं। अतुल चौधरी और केतन तिवारी लंबे समय से फरार थे, जिन्हें अब तकनीकी साक्ष्यों और लगातार दबिश के बाद गिरफ्तार किया गया।
जेल भेजे गए आरोपी
पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया।