CG NEWS :छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय, राजधानी समेत कई जिलों में अलर्ट
CG NEWS :छत्तीसगढ़ में इस समय मानसून अपनी पूरी रफ्तार में है। लगातार झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखने को मिल रहा है, जहाँ पिछले दो दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज भी बस्तर के नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और जगदलपुर जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
राजधानी समेत कई जिलों में अलर्ट
राजधानी रायपुर और उसके आसपास के जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में भी अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि बिजली गिरने और आकाशीय बिजली की घटनाओं की आशंका बनी हुई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बारिश से बिगड़े हालात
पिछले 24 घंटों में बस्तर संभाग के कई हिस्सों में भारी बारिश से हालात बिगड़े हैं। कई गांवों में पानी भर गया है और सड़क संपर्क बाधित हो गया है। नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है। सुकमा और बीजापुर जिलों के कुछ इलाकों में तो बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बस्तर संभाग में इस बार की बारिश 90 सालों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। इतनी भारी बारिश पहले कभी दर्ज नहीं की गई थी। यही वजह है कि लोगों को असामान्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भर गया है, घरों में जलभराव की स्थिति है और कई इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
सुहावना मौसम, लेकिन खतरे बरकरार
लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना बना हुआ है। लेकिन साथ ही साथ बिजली गिरने, जलभराव और सड़क धंसने जैसी समस्याएँ लोगों को परेशान कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
प्रशासन की तैयारी
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। स्कूलों में छुट्टी घोषित की जा रही है, राहत शिविरों की तैयारी की गई है और ग्रामीण इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। आने वाले 72 घंटे दक्षिणी छत्तीसगढ़ के लिए बेहद अहम बताए जा रहे हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है।