CG News : कोयला लेवी घोटाला: दो साल से फरार नवनीत तिवारी गिरफ्तार, 570 करोड़ की अवैध वसूली में थी बड़ी भूमिका
CG News : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाला मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने करीब दो वर्षों से फरार आरोपी नवनीत तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। तिवारी पर अवैध कोल लेवी वसूली, धन शोधन और घोटाले की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं।
किस-किस धारा में मामला दर्ज?
EOW के मुताबिक, नवनीत तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 7A, 12 और IPC की धाराएं 420, 120B, 384, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज है।
वह 2022 में ED की छापेमारी के बाद से फरार था। अदालत ने उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था।
पुलिस रिमांड में पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद नवनीत तिवारी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, उससे कोल ट्रांसपोर्ट परमिट में गड़बड़ी, वसूली की पूरी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों व व्यापारियों की संलिप्तता को लेकर पूछताछ की जा रही है।
क्या है कोयला लेवी घोटाला?
जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच हर टन कोयले पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई।यह अवैध आदेश 15 जुलाई 2020 को खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई द्वारा जारी किया गया था।परमिट को ऑनलाइन से ऑफलाइन किया गया ताकि वसूली करना आसान हो।जो व्यापारी पैसा देता, उसी को पीटी (Pit Pass) और ट्रांसपोर्ट पास जारी किया जाता।इस घोटाले का मास्टरमाइंड कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना जाता है।
वसूली गई राशि लगभग 570 करोड़ रुपये तक पहुंची।
अवैध कमाई का इस्तेमाल कहां हुआ?
जांच में सामने आया है कि:भारी-भरकम रकम से सरकारी अफसरों और नेताओं को रिश्वत दी गई।चुनावी खर्चों में भी इस पैसे का इस्तेमाल हुआ।कई प्रॉपर्टी और फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट इसी रकम से किए गए।
अगला कदम क्या?
EOW की टीम अब नवनीत तिवारी से धन के निवेश, मनी ट्रेल, और अन्य बड़े नामों की भूमिका को उजागर करने की कोशिश कर रही है।
यह गिरफ्तारी घोटाले की पूरी साजिश को बेनकाब करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।