CG News : छत्तीसगढ़ में परीक्षा में देरी और छिन गया सरकारी नौकरी का मौका
CG News : छत्तीसगढ़ में रविवार को हुई ADEO-2025 परीक्षा में कड़ी निगरानी और टाइमिंग को लेकर प्रशासन बेहद सख्त दिखा. रायपुर के 95 केंद्रों पर 38,660 परीक्षार्थी पहुंचे, लेकिन जो 10:00 बजे से सिर्फ 2 मिनट लेट हुए, उन्हें बाहर से लौटना पड़ा. कई कैंडिडेट्स गेट पर हाथ जोड़ते रह गए, पर नियम के आगे कोई राहत नहीं मिली. एक छोटी सी देरी ने कई सपनों को अधूरा छोड़ दिया.
2 मिनट की देरी से चूके कई अभ्यर्थी
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) द्वारा सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO-2025) की भर्ती परीक्षा रविवार को पूरे प्रदेश में सफलतापूर्वक आयोजित की गई. केवल 200 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा ने राज्यभर से तीन लाख से ज्यादा युवाओं को एक साथ प्रतिस्पर्धा के मैदान में ला खड़ा किया। सरकारी नौकरी की आस लगाए अभ्यर्थियों की भारी भीड़ ने परीक्षा को खास बना दिया.
जानकारी के अनुसार, परीक्षा का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक निर्धारित था. परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और समयबद्धता देखने को मिली. प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सुबह 10:00 बजे के बाद किसी भी कैंडिडेट को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, चाहे देरी कितनी भी मामूली क्यों न हो.
परीक्षा से वंचित हुए कई परीक्षार्थी
जेआर दानी कन्या स्कूल, रायपुर के बाहर ऐसी ही एक झलक देखने को मिली, जहां कई परीक्षार्थी गेट बंद होने के बाद अंदर प्रवेश की गुहार लगाते नजर आए, लेकिन सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने सख्ती से मना कर दिया. कुछ अभ्यर्थी मात्र 1-2 मिनट की देरी से पहुंचे थे, लेकिन उन्हें परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं मिल पाया.
सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच परीक्षा की तैयारी
परीक्षा केंद्रों के बाहर कई भावुक दृश्य भी देखने को मिले। एक केंद्र के बाहर एक पिता अपने बच्चे को संभालते दिखे, जबकि उनकी पत्नी परीक्षा देने केंद्र के भीतर गई थीं. एक अन्य अभ्यर्थी कुलेश्वर, जो पाटन से आए थे, ने बताया कि समय पर पहुंचने के बावजूद भीड़ के कारण अंदर जाने में देर हो गई.
सुरक्षा व्यवस्था और सख्ती
ADEO परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, पर्स, पाउच, स्कार्फ, स्मार्ट वॉच आदि ले जाने की अनुमति नहीं थी. प्रदेशभर में परीक्षा की निगरानी के लिए 5000 अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए। रायपुर के 95 केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और इनविजीलेटर की ड्यूटी लगाई गई थी.