CG News : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
CG News : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर सुरक्षाबल लगातार सख्त अभियान चला रहे हैं। बीहड़ जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच कई कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया गया है। इसी संदर्भ में आज जगदलपुर के टाउनहॉल में “नक्सलवाद के विद्रूप चेहरे: बीजिंग से बस्तर तक” विषय पर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई, जिसमें उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा, फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने भाग लिया।
माओवाद की उत्पत्ति और बस्तर में उसका प्रभाव
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माओवाद की उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका विकृत रूप चीन के बीजिंग से शुरू हुआ और अब यह बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्रों में हिंसा और त्रासदी का कारण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि माओवादी हथियारों और IED के माध्यम से निर्दोष आदिवासियों को निशाना बना रहे हैं, जिससे कई जानें जा चुकी हैं। शर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि आज ही के दिन 1989 में बीजिंग में लोकतंत्र की मांग करने वाले करीब दस हजार लोगों को टैंकों से कुचल दिया गया था, और यह वही माओवाद है जो आज छत्तीसगढ़ में आतंक का चेहरा बन चुका है।
तेलंगाना की शांति वार्ता पहल
तेलंगाना में कांग्रेस नेताओं द्वारा नक्सलियों से शांति वार्ता के लिए की गई पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय शर्मा ने कहा कि जो लोग कभी बस्तर के दुःख और संघर्ष में शामिल नहीं हुए, जिन्होंने बस्तियों के जलाए जाने और आम नागरिकों की हत्या पर कभी कुछ नहीं कहा, वे अगर आज वार्ता की बात करते हैं, तो उन पर संदेह होना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर नक्सली स्वयं वार्ता की इच्छा जताते हैं, तो बातचीत संभव है, लेकिन यह सिर्फ किसी राजनीतिक दल की पहल पर नहीं हो सकती।
नियुक्ति से शिक्षा व्यवस्था में संतुलन
शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को लेकर भी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई स्कूल बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि दो स्कूलों को मिलाकर एक किया जा रहा है, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहाँ पर अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से बच्चों को लाभ मिलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।