CG News: फर्जी जियो टैगिंग से छलावा: गरियाबंद जिले में पीएम आवास योजना की साख पर सवाल
CG News: गरियाबंद, छत्तीसगढ़: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत गरियाबंद जिले के देवभोग और मैनपुर जनपद क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय मैदानी कर्मियों द्वारा अधूरे मकानों को पूर्ण दर्शाते हुए फर्जी जियो टैगिंग की गई है, जिससे सरकारी रिपोर्ट को गुमराह किया गया।
15 दिनों में 1366 मकान ‘पूर्ण’, पर 400 पर संदेह
1 मई से 15 मई के बीच 1366 मकानों को पूर्ण बताया गया, लेकिन इनमें से 400 से अधिक मकानों की वास्तविक स्थिति संदेहास्पद पाई गई। जांच में सामने आया कि कई मकानों की छत की ढलाई तक नहीं हुई, बावजूद इसके उन्हें पूर्ण दिखा दिया गया।
एक ही मकान, दो लाभार्थी
पुरनापानी गांव में चूमन लाल और जय सिंह के नाम पर एक ही मकान की जियो टैगिंग की गई।
झाखरपारा में एक ही मकान की अलग-अलग एंगल से तस्वीरें लेकर दो अलग-अलग हितग्राहियों के नाम पर दिखाया गया।
दहीगांव में यादराम का मकान अभी डोर लेवल तक भी नहीं पहुँचा, लेकिन तस्वीर किसी दूसरे मकान की लगाकर ‘पूर्ण’ दिखा दिया गया।
प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश
CM के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी थी। इसी दबाव के चलते मैदानी कर्मचारियों ने शो-कॉज नोटिस के डर से बोगस रिपोर्ट तैयार की, जिसमें अधूरे काम को पूर्ण बताया गया।
1 मई को:
2700 मकान अप्रारंभ थे
15 मई तक:
यह संख्या घटकर 2157 हो गई
पूर्ण मकानों की संख्या 1200 से बढ़कर 1658 हो गई
लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है।
क्या कहता है प्रशासन?
सूत्रों के मुताबिक, जिला प्रशासन अब हर जियो टैग की दोबारा भौतिक जांच कर रहा है। दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।