CG News : रायगढ़ अस्पताल की लापरवाही हुई उजागर, बेख़ौफ़ घूम रहे सांप
CG News : एक अस्पताल जहाँ ज़िंदगी की उम्मीद लेकर गर्भवती महिलाएं पहुंचती हैं, वहीं अगर ऑपरेशन थिएटर (OT) में ज़हर से भरे सांप रेंगते दिखाई दें, तो क्या होगा? छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के मातृ शिशु अस्पताल (MCH) में ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो गई है। आए दिन अस्पताल परिसर, विशेषकर ऑपरेशन थिएटर में सांपों का निकलना अब एक आम बात हो गई है। डर और असुरक्षा के माहौल के चलते अब अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं।
सांपों का आतंक : MCH में डिलीवरी बंद
रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज परिसर के ठीक सामने स्थित MCH अस्पताल एक शांत, लेकिन जंगल और पहाड़ से सटे क्षेत्र में स्थित है। बीते कुछ हफ्तों से यहां ऑपरेशन थिएटर में सांपों और सपोलों (सांप के बच्चों) के निकलने की कई घटनाएं सामने आई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अस्पताल प्रशासन को डिलीवरी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं और गर्भवती महिलाओं को अब पास के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर किया जा रहा है।
हर पल सतर्क रहने को मजबूर
अस्पताल की नर्सें और अन्य स्टाफ अब खौफ में ड्यूटी कर रहे हैं। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि उन्हें हर समय आसपास निगाहें रखनी पड़ती हैं – कहीं कोई सांप वॉशबेसिन से, पाइप से, खिड़की से या फर्श के किनारे से न निकल आए। विशेष रूप से OT रूम और उसके आसपास सपोलों का दिखना आम हो गया है। इससे स्टाफ की मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ने लगा है।
खोजे गए ठिकाने, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग
अस्पताल प्रशासन और स्टाफ ने मिलकर यह पता लगाने की कोशिश की कि सांप आखिर आते कहां से हैं। आसपास की जगहों और संभावित छुपने वाले स्थानों की तलाशी ली गई, लेकिन कोई निश्चित ठिकाना नहीं मिला। इसके बाद एहतियातन सभी पाइपलाइन, वॉशबेसिन और संभावित रास्तों को सील कर दिया गया है। खिड़कियां भी बंद कर दी गई हैं ताकि सांप भीतर प्रवेश न कर सकें।
CMHO ने किया निरीक्षण, दिए त्वरित निर्देश
जैसे ही मामले की जानकारी स्वास्थ्य अमले को मिली, रायगढ़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अनिल कुमार जगत स्वयं अपनी टीम के साथ MCH पहुंचे। उन्होंने न केवल OT का मुआयना किया, बल्कि आसपास की जगहों की भी जांच की। डॉ. जगत ने साफ निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा सर्वोपरि है और फिलहाल अस्पताल की खिड़कियों को बंद रखा जाए तथा सभी कर्मचारी पूरी सतर्कता बरतें।
मातृ और शिशु दोनों की सुरक्षा बनी चुनौती
MCH में हर महीने बड़ी संख्या में डिलीवरी होती थी, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए अब उन सभी प्रसवों को मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किया जा रहा है। इससे मेडिकल कॉलेज पर दबाव बढ़ गया है और महिलाओं को एक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जो कई बार आपात स्थिति में खतरनाक भी साबित हो सकती है।
इस घटना ने अस्पताल की इमारत के चयन, उसकी लोकेशन और उसमें सुरक्षा उपायों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह एक गंभीर चेतावनी है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते समय केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि पर्यावरणीय जोखिमों को भी ध्यान में रखना होगा।