CG News : दलित मजदूरों के साथ अमानवीय बर्बरता, करंट लगाकर प्रताड़ित, आइसक्रीम गोदाम सील
CG News : राजस्थान के भीलवाड़ा से छत्तीसगढ़ के कोरबा लाए गए दो दलित मजदूरों के साथ अमानवीय मारपीट और प्रताड़ना का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पीड़ितों — अभिषेक भांबी और विनोद कुमार भांबी — ने आरोप लगाया है कि आइसक्रीम फैक्ट्री में काम कराने के नाम पर लाए गए इन दोनों युवकों को वेतन मांगने पर बेरहमी से पीटा गया और बिजली के करंट से प्रताड़ित किया गया।
पीड़ितों ने बया किया दर्द
पीड़ितों के मुताबिक, आरोपियों छोटू और मुकेश शर्मा ने उन्हें काम के बहाने कोरबा बुलाया था। जब उन्होंने मेहनताने की मांग की, तो उन पर चोरी का झूठा आरोप लगाते हुए न सिर्फ बुरी तरह पीटा गया, बल्कि करंट प्रवाहित तारों से झटका दिया गया और पेंचिस (प्लायर) से नाखून दबाकर प्रताड़ित किया गया।
इस बर्बरता की पुष्टि उस वीडियो से होती है जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पीड़ित युवक हाथ जोड़कर जान की भीख मांगते दिख रहे हैं, लेकिन आरोपियों की क्रूरता बेरोकटोक जारी रहती है। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो 14 अप्रैल — अंबेडकर जयंती के दिन — का है, जिसे आरोपियों ने खुद रिकॉर्ड किया था।
घटना के बाद दोनों युवक किसी तरह अपने गांव लौटे और परिजनों को अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई। अभिषेक की हालत इतनी गंभीर थी कि वह चलने-फिरने की स्थिति में भी नहीं था।
इस मामले के सामने आने के बाद कोरबा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी है। कोरबा के सीएसपी भूषण ने जानकारी दी कि गुलाबपुरा थाना पुलिस द्वारा भेजे गए मेमो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। अब तक पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है, और आरोपियों के खपराभट्ठा स्थित आइसक्रीम गोदाम को नगर निगम की टीम द्वारा सील कर दिया गया है।
पुलिस जांच जारी:
कोरबा पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और जातिगत भेदभाव और श्रमिक शोषण पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
दलित मजदूरों के साथ हुई यह घटना हमारे समाज में अब भी मौजूद भेदभाव और अमानवीयता की एक दर्दनाक तस्वीर पेश करती है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।