CG News : छत्तीसगढ़ की सियासत में उठते सवाल, क्या डबल इंजन सरकार में तालमेल की कमी?
CG News : छत्तीसगढ़ की राजनीति इस वक्त चर्चाओं और अटकलों के दौर से गुजर रही है। सवाल यही है क्या प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की डबल इंजन सरकार के भीतर तालमेल की डोर ढीली पड़ रही है?
यह सवाल यूं ही नहीं उठ रहा। दरअसल, बीजेपी के दो वरिष्ठ सांसदों के हालिया कदमों ने न केवल सरकार को असहज किया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में हलचल भी बढ़ा दी है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के ‘लेटर बम’ से मचा सियासी घमासान
रायपुर से बीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बीते पंद्रह दिनों में दो बार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को खुले पत्र लिखे। पहला पत्र — बर्खास्त B.Ed सहायक शिक्षकों की बहाली के समर्थन में था। वहीं दूसरा पत्र — राजधानी रायपुर में पुलिस बल की कमी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए लिखा गया।
अग्रवाल का कहना है कि रायपुर एक तेजी से बढ़ता हुआ शहर है और यहां ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर सुरक्षा तक कई बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि लोकतंत्र में समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कर समाधान सुझाना भारतीय जनता पार्टी की परंपरा है। मुख्यमंत्री की व्यस्तता को देखते हुए पत्र के ज़रिए सुझाव साझा करना ही उन्हें उपयुक्त लगा।
राज्यसभा सांसद पर ‘बंगले कब्जा’ का आरोप
दूसरी ओर, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह भी सियासी सुर्खियों में हैं। रायपुर में SSP कार्यालय के लिए अस्थाई रूप से निर्धारित पुराने सिविल सर्जन बंगले पर उनका कथित कब्जा अब एक बड़ा सवाल बन चुका है। जबकि PWD ने यह बंगला SSP ऑफिस के लिए अलॉट किया था। अब इस मसले पर जब सवाल उठे तो PWD मंत्री ने कहा — “सरकार इस पर जल्द स्थिति साफ करेगी।”
विपक्ष के तीर, सत्ता पक्ष की सफाई
इस घटनाक्रम पर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे भाजपा के भीतर संवादहीनता और संगठन में कमजोरी का संकेत बताया। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने तो इसे ‘लेटर बम’ करार दिया। हालांकि, बीजेपी नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि वरिष्ठ नेता के सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।
सवाल बना हुआ है बड़ा
अब सवाल यह है — क्या वाकई डबल इंजन सरकार में तालमेल की कमी सामने आ रही है? या फिर विपक्ष सियासी मुद्दा तलाश कर शोर मचा रहा है?
सच क्या है, ये आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज है, और चर्चाओं का बाजार गर्म।