Chhattisgarh News : भाषा के साथ हो रहा छल, प्राथमिक कक्षाओं में ‘दूभाषी फॉर्मूला’ लागू

Chhattisgarh News : भाषा के साथ हो रहा छल, प्राथमिक कक्षाओं में ‘दूभाषी फॉर्मूला’ लागू

Chhattisgarh News : भाषा के साथ हो रहा छल, प्राथमिक कक्षाओं में ‘दूभाषी फॉर्मूला’ लागू

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में प्राथमिक कक्षाओं में ‘दूभाषी फॉर्मूला’ लागू किया जा रहा है, जिसके तहत भाषा विषय में 50% छत्तीसगढ़ी और 50% हिंदी पढ़ाई जा रही है। नंदकिशोर शुक्ल ने इस नीति को “मानसिक बर्बरता” करार दिया है और सवाल उठाया है कि क्या भारत के किसी और राज्य में बच्चों को इस तरह दो भाषाओं में मातृभाषा पढ़ाई जाती है?

फेसबुक पोस्ट से उठा बवंडर

शुक्ल ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा: “एके ठी पोथी मँ भासा-बिसय के एके ठी पीरियड मँ दू-दू ठी भासा पढ़ाना छत्तीसगढ़िया पिलवा- बच्चामन के साथ मानसिक बरबरता नोहय त अउ काय ए?” उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रयोग छत्तीसगढ़ियों की पहचान और भाषा को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।

नई शिक्षा नीति का उल्लंघन

शुक्ल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) स्पष्ट रूप से पहली से पाँचवीं तक की पढ़ाई मातृभाषा में करवाने की बात करती है। इसके बावजूद राज्य सरकार इस नीति के मूल उद्देश्यों को लागू नहीं कर पा रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारी जानबूझकर मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं।

केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क

शुक्ल ने यह भी बताया कि उन्होंने यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संघ प्रमुख मोहन भागवत तक उठाया है। लेकिन अब तक राज्य में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

संभावित आंदोलन की चेतावनी

यदि मातृभाषा के साथ हो रहे इस अन्याय को रोका नहीं गया, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। जरूरत पड़ी तो छत्तीसगढ़ की सड़कें हमारे आंदोलन की गवाह बनेंगी

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