chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ सरकार की नई सरेंडर पॉलिसी 2025: नक्सलियों के लिए आकर्षक ऑफर
chhattisgarh News :नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। साल 2025 के लिए नई नक्सली सरेंडर पॉलिसी जारी की गई है, जिसमें नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन राशि और लाभ शामिल किए गए हैं। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ चुके नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है।
सरकार नक्सलियों को हथियार छोड़ने और शांतिपूर्ण जीवन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। नई पॉलिसी के तहत, विभिन्न प्रकार के हथियारों के साथ सरेंडर करने पर नक्सलियों को नकद इनाम दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन राशि उनके पुनर्वास में सहायक होगी।
हथियारों के साथ सरेंडर पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि
एलएमजी (LMG): ₹ 5 लाख , एके 47/ त्रिची असाल्ट: ₹ 4 लाख , 2″ मोर्टार/ 51 एमएम मोर्टार: ₹ 2.50 लाख, एसएलआर (SLR)/ इंसास राइफल: ₹ 2 लाख , एक्स 95 असाल्ट रायफल/ एमपी-9 टेक्निकल: ₹ 1.50 लाख , थ्री नॉट थ्री रायफल: ₹ 1 लाख , एक्स कैलिबर 5.56 एमएम: ₹ 75,000, यूबीजीएल अटैचमेंट: ₹ 40,000 , 315 बोर/ 12 बोर बंदूक/ सिंगल शॉट गन: ₹ 30,000 , ग्लॉक पिस्टल 9 MM: ₹ 30,000 , 9 MM कार्बाइन/ पिस्टल/ रिवाल्वर: ₹ 25,000 , वायरलेस सेट: ₹ 7,000, प्रोजेक्टर 13/16/ मस्केट रायफल/ यूबीजीएल सेल: ₹ 5,000 , रिमोट डिवाइस/ आईईडी (IED): ₹ 3,000, विस्फोटक पदार्थ: ₹ 2,000 प्रति किलो , ग्रेनेड/ जिलेटिन राड्स: ₹ 500 प्रति नग, सभी प्रकार के एम्युनिशन/ डेटोनेटर: ₹ 100 प्रति नग
हथियारों के डंप बरामद कराने पर विशेष प्रोत्साहन
सरकार ने नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री के डंप को बरामद कराने में मदद करने वालों के लिए भी विशेष प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है:
बड़े डंप (हथियार निर्माण इकाई उपकरण जैसे लेथ मशीन, कटर, ड्रिल उपकरण, जनरेटर आदि, स्वचालित हथियारों का डंप, 20 किलो या इससे अधिक विस्फोटक का डंप): ₹ 1 लाख 5 किलो या इससे अधिक की आईईडी (IED) बरामद कराने पर: ₹ 15,000,10 किलो या इससे अधिक की आईईडी (IED) बरामद कराने पर: ₹ 25,000
यह नई सरेंडर पॉलिसी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों लॉन्च की जा सकती है और यह नक्सलियों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है। सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नक्सलियों से अपील है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर इस सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाएं और शांतिपूर्ण जीवन की शुरुआत करें।