CG News: रुंगटा कोल माइंस के खिलाफ आदिवासियों का उग्र प्रदर्शन
कोरबा | छत्तीसगढ़: रायगढ़ के बाद अब कोरबा जिले में भी कोयला खनन के विरोध में आदिवासी समाज खुलकर सामने आ गया है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के पुटी पखना गांव में शनिवार को आयोजित एक विशाल महापंचायत में हजारों आदिवासी ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया।
यह महापंचायत गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें आसपास के कई गांवों से ग्रामीण शामिल हुए।

विधायक मरकाम की दो टूक चेतावनी
पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि रुंगटा कोल माइंस परियोजना के लिए आदिवासियों की जमीन जबरन ली गई, तो इसका कड़ा और निर्णायक विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा।
पंचायतों पर दबाव का आरोप
विधायक मरकाम ने आरोप लगाया कि प्रभावित ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों पर प्रशासनिक दबाव बनाकर खदान के पक्ष में प्रस्ताव पारित कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे पंचायती राज व्यवस्था और आदिवासी स्वशासन पर सीधा हमला बताया।
मरकाम ने चेतावनी दी कि जो पंचायत खदान के समर्थन में खड़ी होगी, वहां अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।
पहले से झेल रहे प्रदूषण की मार
महापंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में पहले से संचालित कोयला खदानों के कारण
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खेती प्रभावित हुई है
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जल स्रोत सूख रहे हैं
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जंगलों का तेजी से विनाश हो रहा है
ऐसे में एक नई कोल माइंस खुलने से आदिवासी समाज की रोजी-रोटी और अस्तित्व दोनों खतरे में पड़ जाएंगे। ग्रामीणों ने इस दौरान वन अधिकार पट्टों की मांग भी मजबूती से रखी।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। महापंचायत के समापन पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पसान तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां और मांगें औपचारिक रूप से दर्ज कराईं।
इस आंदोलन में विधायक तुलेश्वर मरकाम, जनपद सदस्य संतोष मरावी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आदिवासी नागरिक शामिल रहे। साफ है कि कोरबा जिले में कोल माइंस को लेकर विरोध अब निर्णायक दौर में पहुंच चुका है।
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