CG News: पद्मश्री विभूतियों को बड़ी राहत, छत्तीसगढ़ सरकार देगी अब ₹10,000 प्रतिमाह
रायपुर | छत्तीसगढ़ न्यूज़: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश का नाम देशभर में रोशन करने वाली पद्मश्री सम्मानित हस्तियों के लिए एक अहम और सराहनीय फैसला लिया है। अब राज्य के पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त नागरिकों को हर महीने मिलने वाली सम्मान राशि ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई है। सरकार ने इसे सम्मान, संवेदनशीलता और प्रेरणा से जुड़ा निर्णय बताया है।
सम्मान राशि दोगुनी, पद्मश्री परिवारों में खुशी
राज्य सरकार के इस फैसले से पद्मश्री सम्मानित नागरिकों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल है। पहले जहां उन्हें ₹5,000 प्रतिमाह मिलते थे, अब यह राशि सीधे दोगुनी होकर ₹10,000 हो जाएगी। सरकार का मानना है कि यह सहयोग उन विभूतियों के योगदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने अपने कार्यों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
पद्म सम्मान: सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे प्रदेश का गौरव
सरकार का स्पष्ट कहना है कि पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे नागरिक सम्मान केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं होते। जब कोई छत्तीसगढ़ का नागरिक यह सम्मान प्राप्त करता है, तो उसका गौरव पूरे गांव, जिले और राज्य से जुड़ जाता है। यही वजह है कि सरकार ऐसे नागरिकों को निरंतर सम्मान देने की नीति पर काम कर रही है।
केंद्र सरकार नहीं देती मासिक राशि
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या पद्म पुरस्कार के साथ आर्थिक सहायता भी मिलती है। केंद्र सरकार की ओर से पद्म पुरस्कार विजेताओं को कोई वेतन या नकद इनाम नहीं दिया जाता। हालांकि कई राज्य सरकारें अपने स्तर पर पेंशन या मासिक सहायता प्रदान करती हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ने पद्मश्री सम्मानितों को मिलने वाली राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है।
1954 से दिए जा रहे हैं पद्म पुरस्कार
पद्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। भारत रत्न के बाद इन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिना जाता है।
इनके तीन स्तर होते हैं –
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पद्मविभूषण
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पद्मभूषण
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पद्मश्री
ये सम्मान कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, विज्ञान, तकनीक, व्यापार, उद्योग और सिविल सेवा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं।
उपाधि नहीं हैं पद्म पुरस्कार
सरकारी नियमों के अनुसार पद्म पुरस्कार कोई उपाधि नहीं हैं। इन्हें नाम के आगे या पीछे लगाना प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर सरकार को सम्मान वापस लेने का अधिकार प्राप्त है। डॉक्टर और वैज्ञानिक सरकारी सेवा में रहते हुए भी पद्म पुरस्कार प्राप्त कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी
पद्म पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी रखा गया है। कोई भी नागरिक स्वयं आवेदन कर सकता है या किसी अन्य व्यक्ति, संस्था, सांसद, विधायक अथवा मंत्री द्वारा नाम की सिफारिश की जा सकती है। सभी प्रस्तावों की गहन जांच के बाद भारत सरकार की चयन समिति अंतिम निर्णय लेती है।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक कदम
छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला न केवल पद्म सम्मानितों के योगदान को सम्मान देता है, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को भी समाज व देश के लिए उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देता है। यह निर्णय राज्य की सम्मान संस्कृति को और मजबूत करता है।