CG News: सीवरेज सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मियों की दर्दनाक मौत, प्रत्येक परिवार को तीस-तीस लाख रूपए देगी सरकार
CG News: रामकृष्ण हॉस्पिटल में सीवरेज सफाई के दौरान तीन युवाओं की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लोगों का आक्रोश दूसरे दिन भी जारी रहा, बड़ी संख्या में पुलिस बल और समाज के लोग अस्पताल परिसर में मौजूद रहे.
मुआवजे को लेकर समझौता
मंगलवार रात से बुधवार शाम तक 21 घंटे लंबी बातचीत के बाद उत्कल समाज और अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों के परिवार को मुआवजे पर सहमति बनाई, प्रत्येक परिवार को 30-30 लाख रुपए मुआवजा, बच्चों की शिक्षा और परिवार के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं देने का समझौता हुआ, समाज के प्रतिनिधियों आशीष तांडी, शैलेंद्र नायक और संतोष सोनी के अनुसार, प्रबंधन ने पीड़ित परिवार को चेक सौंप दिया है और शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एग्रीमेंट भी किया गया है.
हादसे की वजह
तलाशी के अनुसार, मंगलवार शाम 7 बजे तीन सफाई कर्मचारियों को गटर में भेजा गया, सीवरेज में हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन गैस की उच्च सांद्रता के कारण, और सुरक्षा उपकरण न होने के कारण, तीनों कर्मचारियों की मौत हो गई, कार्बन डाई ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड गैसों की वजह से दम घुटने के कारण यह हादसा हुआ.
पुलिस जांच और जिम्मेदारों की तलाश
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वास्तविक दोषियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है, मृतक कर्मचारियों के नाम गोविंद सेंद्रे, अनमोल मांझी और सत्यम बताए गए हैं, टिकरापारा पुलिस ने मर्ग दर्ज किया है.
पूर्व में हुए समान हादसे
तेलीबांधा के होटल अशोका बिरयानी और गुड़ाखू फैक्ट्री में भी इसी तरह के हादसे हो चुके हैं, जहां जहरीली गैस के कारण कई कर्मचारियों की मौत हुई थी, इन घटनाओं में भी प्रबंधन और जिम्मेदारों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था.
समाज की मांग
उत्कल समाज ने राज्य सरकार से मांग की है कि, भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए कठोर सुरक्षा नियम और सख्त कानून बनाए जाएं, समाज का कहना है कि, सीवरेज सफाई में मानव बल के सीधे इस्तेमाल और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से जान-माल का गंभीर खतरा रहता है.