CG News : एसईसीआर का कमाई पर जोर: यात्री परेशान, मालगाड़ियां धड़ाधड़!

CG News : एसईसीआर का कमाई पर जोर: यात्री परेशान, मालगाड़ियां धड़ाधड़!

CG News : एसईसीआर का कमाई पर जोर: यात्री परेशान, मालगाड़ियां धड़ाधड़!

CG News :  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन देश में माल ढुलाई से सर्वाधिक राजस्व अर्जित करने वाला जोन बन गया है, लेकिन इसका खामियाजा हजारों रेल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रायपुर और बिलासपुर जोन में यात्री ट्रेनों को लगातार आउटर में रोककर मालगाड़ियों को रास्ता दिया जा रहा है, जिससे यात्री घंटों स्टेशनों पर इंतजार करने को मजबूर हैं।

घंटों लेट हो रही हैं ट्रेनें, यात्री बेहाल

गुरुवार को बिलासपुर में पटना-चर्लापल्ली एक्सप्रेस 4 घंटे देरी से पहुंची, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे की पंक्चुअलिटी (वक्त की पाबंद) रिपोर्ट के मुताबिक, एसईसीआर यात्री सुविधाओं के मामले में देश के 17 रेलवे जोन में सबसे पीछे है। यह विरोधाभास साफ बताता है कि रेलवे का ध्यान केवल कमाई पर केंद्रित है।

रद्द होती यात्री ट्रेनें, बढ़ता माल ढुलाई का लक्ष्य

बीते 10 महीनों में, बिलासपुर जोन में 2,790 यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गईं, ताकि मालगाड़ियों को ग्रीन सिग्नल मिल सके। वित्त वर्ष 2024-25 में जोन ने माल ढुलाई से 22,807 करोड़ रुपये की कमाई की है, जो पिछले वित्त वर्ष से 6% अधिक है। इस दौरान 1455 मेल-एक्सप्रेस और 1335 पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहीं। साफ है कि यात्री ट्रेनों को इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अलग-अलग कामों के बहाने रद्द किया गया, जबकि मालगाड़ियां बेरोकटोक दौड़ती रहीं। मौजूदा वित्त वर्ष में माल लदान से 23,700 करोड़ रुपये कमाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है। हाल ही में जोनल रेलवे सलाहकार समिति की बैठक में सांसदों ने भी ट्रेनों के लगातार रद्द होने पर तीखी नाराजगी जताई थी।

क्यों हो रही है यह स्थिति?

• माल ढुलाई को प्राथमिकता: एसईसीआर हर साल माल ढुलाई का लक्ष्य बढ़ा रहा है, जिसके कारण मालगाड़ियों के फेरे बढ़ रहे हैं और उन्हें यात्री ट्रेनों पर प्राथमिकता दी जा रही है।
• इंफ्रास्ट्रक्चर के काम: जोन में लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। इसके लिए अक्सर यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया जाता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन दौरान भी मालगाड़ियां रद्द नहीं की जातीं।
• घटता मैनपावर: रेलवे जोन की स्थापना के समय जो मैनपावर था, उससे रेल लाइनें तो बढ़ गईं, लेकिन मैनपावर लगातार घट रहा है। इसका उपयोग यात्री सुविधाओं पर नहीं हो पा रहा है।

सीपीआरओ का बयान: “गाड़ियां सही समय पर चलें, यह प्रयास कर रहे”एसईसीआर के सीपीआरओ सुस्कर विपुल विलासराव ने स्वीकार किया कि एसईसीआर में चालू गाड़ियों को समय पर चलाने की चुनौती है। उन्होंने कहा, “हम मालगाड़ियों की पंक्चुअलिटी पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हालांकि यात्री गाड़ियों की स्थिति ठीक नहीं है। हम प्रयास कर रहे हैं कि मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों पर फोकस बढ़ाएं, जिससे समयबद्धता सुधरे।”

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