CG News: बिलासपुर में फुटपाथों की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त, निगम आयुक्त से मांगा शपथपत्र
CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़क निर्माण के दौरान कई जगह फुटपाथ गायब होने और अवैध कब्जे के कारण पैदल चलने वालों की परेशानी बढ़ गई है, वहीं अनियंत्रित पार्किंग से सड़क पर चलना भी लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं है. इस मामले में दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम आयुक्त से जवाब मांगा है.
निगम आयुक्त से मांगा शपथपत्र
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने निगम आयुक्त से पूछा है कि फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त रखने और उनके संरक्षण के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं. कोर्ट ने इस संबंध में शपथपत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है.

पैदल चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पैदल चलना संविधान के तहत नागरिकों का मौलिक अधिकार है. ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि शहर के फुटपाथ सुरक्षित रहें और उन्हें अतिक्रमण से मुक्त रखा जाए. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन को लेकर जमीन पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है.

RTI और शिकायतों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
याचिकाकर्ता संस्कार राजपूत ने आरोप लगाया है कि फुटपाथों पर अवैध कब्जे और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के कारण बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों को सड़क पर चलने में परेशानी हो रही है. उनका कहना है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत करने के साथ ही RTI के जरिए जानकारी मांगी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
प्रशासन ने कार्रवाई का किया दावा
सुनवाई के दौरान नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि अतिक्रमण हटाने, मल्टीलेवल पार्किंग बनाने और सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है. ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक साल 2024 में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 67 हजार से ज्यादा चालान काटे गए.
फोटोग्राफ से दावों पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में हाल के फोटोग्राफ और मीडिया रिपोर्ट पेश कर प्रशासन के दावों पर सवाल उठाए गए. याचिका में कहा गया कि कागजों पर कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्थिति अब भी नहीं बदली है. फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा और वाहनों की पार्किंग जारी है.
28 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त से विस्तृत जवाब मांगा है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी. माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर कोर्ट में स्थिति साफ हो सकती है.