CG News: छत्तीसगढ़ की बदहाल सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार, एनएचएआई और बिलासपुर निगम को लगाई फटकार
CG News: छत्तीसगढ़ में खराब सड़कों की स्थिति और निर्माण कार्यों में चल रही भारी देरी को लेकर माननीय उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई और बिलासपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है, चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़कों का निर्माण और उनका नियमित रखरखाव संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, न कि माननीय न्यायालय का काम, इसके बावजूद प्रशासनिक विभाग अपने स्तर पर समय पर कार्रवाई करने के बजाय केवल अदालत के आदेशों का इंतजार करते रहते हैं, जो कि किसी भी रूप में उचित नहीं है, इस मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई अब आगामी नवंबर महीने में दीपावली के बाद तय की गई है.

पांच साल से लंबित जनहित याचिका
आपको बता दें कि प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों की स्थिति को सुधारने के लिए वर्ष 2021 से जनहित याचिका हाईकोर्ट में लंबित है, जिसके साथ अन्य दो याचिकाओं पर भी एकसाथ सुनवाई चल रही है, पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा था कि इतने लंबे वर्ष बीत जाने के बाद भी ज़मीनी स्तर पर सड़कों की हालत में कोई सुधार नजर नहीं आया है, और विशेष तौर पर बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, पिछली सुनवाई में नगर निगम के वकील के अनुपस्थित रहने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके बाद बुधवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार, एनएचएआई और नगर निगम की ओर से अपने-अपने शपथ पत्र और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गईं.

सड़कों के गड्ढे भरने की डेडलाइन
सुनवाई के दौरान सेंदरी-मोपका बायपास को एनएचएआई को सौंपने में हो रही देरी का मुद्दा भी उठा, जिस पर एनएचएआई ने अदालत को बताया कि बायपास को हैंडओवर करने से संबंधित जरूरी दस्तावेज उन्हें पीडब्ल्यूडी द्वारा उसी दिन सौंपे गए हैं, वहीं बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति पर एनएचएआई ने भरोसा दिलाया है कि इस मार्ग के सभी गड्ढे आगामी 31 अक्टूबर तक पूरी तरह भर दिए जाएंगे, जबकि बड़े मरम्मत कार्य दिसंबर तक मुकम्मल कर लिए जाएंगे, नगर निगम ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में गड्ढे भरने का काम युद्धस्तर पर जारी है और जल्द ही डामरीकरण का काम भी शुरू कर दिया जाएगा, साथ ही डामर की कीमतें बढ़ने से प्रभावित हुए कार्यों पर राज्य सरकार दो-तीन दिनों के भीतर ही कोई बड़ा नीतिगत निर्णय लेगी.
प्रमुख इलाकों में मरम्मत कार्य
बिलासपुर नगर निगम की ओर से हाईकोर्ट में शहर की सड़कों की मरम्मत को लेकर 78 पृष्ठों की एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई है, जिसमें विभिन्न जोन्स के तहत कराए गए पेचवर्क का पूरा ब्योरा तस्वीरों के साथ शामिल है, रिपोर्ट के मुताबिक जोन क्रमांक-1 में मंगला चौक से आजाद चौक पहुंच मार्ग, कांतिपारा, एसईसीएल मुख्य मार्ग और शनिचरी बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में मरम्मत कराई गई है, इसके अलावा जोन-2, जोन-3, जोन-6 और जोन-7 के अंतर्गत आने वाले शिवा चौक, विष्णु चौक, रायपुर रोड, उसलापुर ओवरब्रिज मार्ग, गौरव पथ, शिवनाथ मार्ग और भवानी चौक सहित कई कॉलोनियों व मुख्य मार्गों पर गड्ढे भरने और उखड़ी हुई सड़क की सतह को सुधारने के काम का पूरा लेखा-जोखा तस्वीरों के जरिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है.
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