CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में रामावतार जग्गी हत्याकांड की अंतिम सुनवाई गुरुवार को
CG News: छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में गुरुवार को हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई होगी। आज हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच के सामने अमित जोगी के वकील ने कुछ दिनों के लिए फाइल और जवाब देने की मांग की। कोर्ट ने सीबीआई को तुरंत फाइल देने और वकील से 24 घंटे के भीतर जवाब पेश करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस पुनः खुला
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पुनः खोला गया। इससे पहले डिवीजन बेंच ने दोषियों की अपील खारिज कर दी थी और आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी थी। अब मामले की मेरिट पर विस्तार से सुनवाई होगी।
CBI की जांच और आरोप
हत्याकांड के बाद पुलिस की प्रारंभिक जांच पर सवाल उठे, जिसके कारण राज्य सरकार ने केस CBI को सौंपा। CBI ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी समेत कई लोगों पर हत्या और साजिश का आरोप लगाया। सबूतों की कमी के कारण अमित जोगी को पहले बरी कर दिया गया था।
हत्याकांड का इतिहास
4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बने। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी।
सतीश जग्गी का आरोप
रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी का आरोप है कि हत्या तत्कालीन राज्य सरकार की प्रायोजित थी। उनके वकील ने कोर्ट में कहा कि सबूत मिटा दिए गए थे और षड्यंत्र का पर्दाफाश जरूरी है।
दोषियों और सजा की जानकारी
जग्गी हत्याकांड में दोषी पाए गए अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता सहित अन्य थे। 2 CSP, थाना प्रभारी और रायपुर मेयर के भाई याहया ढेबर को उम्रकैद की सजा दी गई थी।