CG News: फायर सेफ्टी व्यवस्था पर हाईकोर्ट की सख्ती, प्रशासन को दिए अहम निर्देश

CG News: फायर सेफ्टी व्यवस्था पर हाईकोर्ट की सख्ती, प्रशासन को दिए अहम निर्देश

CG News: फायर सेफ्टी व्यवस्था पर हाईकोर्ट की सख्ती, प्रशासन को दिए अहम निर्देश

CG News: देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आ रही आगजनी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में अग्निशमन संसाधनों और सुरक्षा प्रबंधन की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।

हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने फायर ब्रिगेड वाहनों और आधुनिक उपकरणों की खरीद से जुड़े मामलों की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि केवल कागजी प्रक्रियाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनके क्रियान्वयन की जानकारी भी जरूरी है, राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कई स्थानों पर नए फायर स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई है और आधुनिक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है। हालांकि कुछ जिलों में अब भी भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

अदालत ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुरक्षा संबंधी योजनाओं का वास्तविक असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। केवल टेंडर जारी कर देना या प्रक्रिया शुरू करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता, लखनऊ अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल और बहुमंजिला इमारतों की व्यापक सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला और अनुविभाग स्तर पर विशेष जांच समितियां गठित की गई हैं।

10 दिन में मांगी गई रिपोर्ट

जांच समितियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाएगा, प्रशासन ने निर्णय लिया है कि सुरक्षा जांच में फायर ऑडिट रिपोर्ट को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। जिन संस्थानों में फायर सुरक्षा संबंधी आवश्यक अनुमति या व्यवस्थाएं नहीं होंगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पहले सुधार का मौका, फिर कार्रवाई

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जहां कमियां मिलेंगी, वहां पहले सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती शहरी आबादी और बहुमंजिला भवनों की संख्या को देखते हुए फायर सेफ्टी मानकों का पालन बेहद जरूरी है। प्रशासनिक निगरानी और संस्थानों की जिम्मेदारी दोनों मिलकर ही संभावित दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं।

यह भी पढ़ें : CG News: छत्तीसगढ़ के 32 नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्त, सरकार ने जारी किए आदेश

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Circuit not found — Panel21
404 · OPEN CIRCUIT

Nothing wired to this address.

The page you asked for isn't on the panel. Head back to the main bus.

Return home