CG News: बिलासपुर के व्यापारियों का बड़ा फैसला, तुर्किये के सेब और संगमरमर का बहिष्कार
CG News: बिलासपुर, छत्तीसगढ़: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान का खुलकर साथ देने वाले तुर्किये को अब भारत में आर्थिक चोट झेलनी पड़ेगी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के व्यापारियों ने भी तुर्किये के सेब और संगमरमर के बहिष्कार का बड़ा फैसला लिया है।
फल विक्रेता संघ ने तुर्किये के रवैये का किया कड़ा विरोध
बिलासपुर के फल मंडी और फल विक्रेता संघ ने तुर्किये के इस रवैये का कड़ा विरोध करते हुए वहां से आने वाले सेब को न बेचने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में हर साल लगभग 25 करोड़ रुपए से अधिक का सेब आयात होता है, जिसमें तुर्किये का भी एक बड़ा हिस्सा होता है। लेकिन अब बिलासपुर के व्यापारी तुर्किये से सेब का कोई नया ऑर्डर नहीं देंगे।
पहलगाम हमले के बाद भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” के खिलाफ तुर्किये ने जिस तरह से पाकिस्तान का समर्थन किया, उससे देश भर के व्यापारियों में भारी निराशा और गुस्सा है। इसी नाराजगी के चलते अब पूरे देश में तुर्किये से आने वाले सेब के साथ-साथ वहां के संगमरमर का भी विरोध शुरू हो गया है।
व्यापारियों का फूटा आक्रोश
व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि तुर्किये का भारत को लेकर हालिया राजनीतिक रुख किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय व्यापारियों ने वर्षों तक तुर्किये के साथ व्यापार का समर्थन किया, लेकिन अब उस देश ने हमारी राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है।
बिलासपुर फल-सब्जी व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष अनिल सलूजा ने इस फैसले को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि तुर्किये ने पहलगाम के गुनहगार पाकिस्तान का समर्थन किया और उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए ड्रोन तक उपलब्ध कराए। यह तब है जब तुर्किये में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा आई थी, तब भारत ने संकट के समय उसकी बढ़-चढ़कर मदद की थी। ऐसे में अब पूरे देश के व्यापारी एकजुट होकर तुर्किये के सेब और संगमरमर जैसे उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के फल व्यापारियों ने भी तुर्किये के सेब का बहिष्कार करने का संकल्प लिया है और अब कोई नया ऑर्डर नहीं दिया जाएगा।
फल व्यापरियों की बैठक
महासंघ के अध्यक्ष अनिल सलूजा ने यह भी जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ की सभी प्रमुख फल मंडियों के अध्यक्षों ने आपस में विस्तृत बातचीत की और फिर अपने-अपने शहरों के फल व्यापारिक संघों की बैठक बुलाकर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सभी इस बात पर सहमत हुए कि अब तुर्किये से सेब नहीं मंगवाया जाएगा और कोई भी नया व्यापारिक समझौता नहीं किया जाएगा।
सलूजा के अनुसार, तुर्किये से छत्तीसगढ़ में सालाना लगभग 25 करोड़ रुपए का सेब आता है, जिसमें रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, दुर्ग और अंबिकापुर समेत छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख फल व्यापारी संघों ने इस बहिष्कार के निर्णय को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।
इस फैसले का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि तुर्किये से सेब न मंगवाने से हिमाचल प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ होगा। अब भारतीय बाजार में उनके उच्च गुणवत्ता वाले सेब की मांग बढ़ेगी, जिससे उनके व्यापार और मुनाफे में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।
बिलासपुर के व्यापारियों का यह कदम न केवल तुर्किये के प्रति उनकी नाराजगी को दर्शाता है, बल्कि यह देश की एकता और राष्ट्रीय भावनाओं के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि देश के अन्य व्यापारी संगठन भी इस बहिष्कार में शामिल होते हैं या नहीं और इसका तुर्किये के साथ व्यापारिक संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ता है।