CG News : सुकमा में तेंदूपत्ता बोनस घोटाले पर ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, DFO निलंबित, नकदी बरामद
CG News : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में तेंदूपत्ता बोनस घोटाले को लेकर भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के दफ्तर सहित कई अधिकारियों के ठिकानों पर छापा मारा है। यह छापेमारी सुकमा, दोरनापाल, कोंटा सहित कुल 5 इलाकों में 9 स्थानों पर जारी है। दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और घोटाले से जुड़े सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
तेंदूपत्ता प्रबंधकों के ठिकानों पर छापेमारी
इससे पहले, एक दिन पूर्व भी इसी मामले में पूर्व विधायक मनीष कुंजाम और तेंदूपत्ता प्रबंधकों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान डीएफओ कार्यालय के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक के घर से 26 लाख 63 हजार 700 रुपये नकद बरामद किए गए, जिससे मामले की गंभीरता और गहराई सामने आई। इसी प्रकरण में सुकमा के डीएफओ अशोक पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने ही तेंदूपत्ता बोनस राशि में गड़बड़ी की शिकायत की थी, बावजूद इसके छापा उनके घर पर डाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के पीछे द्वेष भावना और राजनीतिक दबाव काम कर रहा है। मनीष कुंजाम का कहना है कि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले, फिर भी उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिला और जनपद पंचायत में बीजेपी नेताओं द्वारा दबाव बनाया गया था, जिसे उन्होंने मानने से इनकार कर दिया।
समितियों प्रबंधकों की भूमिका जांच के घेरे
EOW और ACB की यह छापेमारी तेंदूपत्ता बोनस घोटाले के उस मामले से जुड़ी है, जिसमें वर्ष 2021 और 2022 के सीजन के दौरान मजदूरों को दी जाने वाली करीब 7 करोड़ रुपये की राशि में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों ने संग्राहकों के हक की राशि में हेराफेरी करते हुए मोटी रकम खुद रख ली और मजदूरों तक उनका मेहनताना नहीं पहुंचाया गया।
8 अप्रैल 2025 को इस घोटाले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद 10 अप्रैल से लगातार छापेमारी की जा रही है। कार्रवाई के दायरे में अब वन विभाग के अन्य अधिकारियों और लघु वनोपज समितियों के प्रबंधकों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ चुकी है।
यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। वहीं ACB और EOW की टीम का कहना है कि जांच निष्पक्ष और सबूतों के आधार पर की जा रही है, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सज़ा दी जा सके।