CG News: छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय
CG News: बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आज हल्की बारिश हो रही है, रायपुर और बिलासपुर में सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर में रिमझिम बारिश हुई, मौसम विभाग ने अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है, अगले दो दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है, और कहीं-कहीं बारिश के साथ आंधी-तूफान भी बन सकते हैं.

तापमान में स्थिरता
अगले सात दिनों के दौरान प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव में सबसे अधिक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा.
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र बना हुआ है, इससे हवा तेजी से उस क्षेत्र की ओर खिंच रही है और 6 किलोमीटर ऊँचाई तक बादल बनने की संभावना बढ़ रही है, यह सिस्टम पहले पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ेगा और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है, अगले 48 घंटों तक यह सक्रिय रहेगा.

लो प्रेशर से जुड़ी ट्रफ लाइन
इस लो प्रेशर से एक ट्रफ निकलकर तमिलनाडु, कर्नाटक और दक्षिण महाराष्ट्र तक फैली हुई है, यह जमीन से लगभग 1 किलोमीटर ऊँचाई पर बनी हुई है और नमी को दूर-दूर तक फैलाती है, इसे समुद्र से अंदरूनी इलाकों तक नमी पहुंचाने वाली एक तरह की पाइपलाइन कहा जा सकता है.
ऊपरी हवा में पश्चिमी विक्षोभ जैसी हलचल
ऊपरी वायुमंडल में 5-6 किलोमीटर ऊँचाई पर हवा की एक और हलचल बनी हुई है, यह सिस्टम बादलों को ऊँचाई पर फैलने में मदद करता है, यानी ऊपर से ठंडी हवा और नीचे से नमी मिलकर मौसम को अस्थिर बना रही है.
छत्तीसगढ़ पर मौसम का असर
यह सिस्टम छत्तीसगढ़ के बहुत पास नहीं है, इसलिए तेज बारिश या तूफान की संभावना नहीं है, हालांकि वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं और दिन का तापमान थोड़ा गिर सकता है, रात में हल्की ठंड या उमस महसूस हो सकती है, दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) में बादल अधिक रह सकते हैं.
फरवरी में मौसम का रुझान
रायपुर में फरवरी माह में आमतौर पर आसमान साफ रहता है और सतही हवाएं हल्की होती हैं, उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से कभी-कभार मौसम बदलता है, इस दौरान बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बन सकती है, कुछ मौकों पर आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चल सकती हैं, सर्दियों का असर कम होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन कुछ वर्षों में फरवरी में अच्छी बारिश भी दर्ज की जाती है.