Bihar News: बिहार का महापर्व छठ, चार दिवसीय परम्परा
Bihar News: बिहार में महापर्व माना जाने वाला पर्व छठ पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से यानी आज से आरम्भ हो गया है, इस महा पर्व की शुरुआत नहाय – खाय के साथ की जाती है और उषा अर्घ्य के साथ समाप्ति की जाती है, यह महा पर्व चार दिनों तक चलता है.
छठ महा पर्व की चार दिवसीय परम्परा
छठ महा पर्व कुल चार दिनों का होता है, इसमें पहले दिन की शुरुआत नहाय -खाय की पूजा के साथ की जाती है और फिर दूसरे दिन खरना और तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य के साथ इस महा पर्व की समाप्ति की जाती है, इसमें चारों दिनों का विशेष महत्व है, इस महा पर्व में सूर्य देवता और छठी माता की आराधना की जाती है.
छठ महा पर्व की मान्यता है कि, नहाय – खाय से शुरू किए गए शुद्धिकरण से छठी माता की कृपा प्राप्त होती है, यह अनुष्ठान व्रतधारियों के जीवन में अध्यात्मिक और सामाजिक महत्व को उजागर करता है, व्रती अपने संकल्प और आचरण से अध्यात्मिक अनुशासन और प्रकृति के प्रति आभार और जीवन में सुख और समृद्धि लाने का माध्यम बन सकता है.
छठ पूजा की विधि
छठ महा पर्व में पहले दिन सूर्योदय से पूर्व नदी में स्नान कर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और छठी माता की अराधना की जाती है, छठ महा पर्व का व्रत रखने वाले व्रती को शुद्ध और सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और छठ महा पर्व के चार दिनों तक सात्विक जीवन और संकल्प का पालन करना चाहिए.