CG News: अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की 448 पदों की भर्ती फिर शुरू होगी, हाईकोर्ट ने 3 महीने में प्रक्रिया पूरी करने के दिए निर्देश
CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अंबिकापुर के राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के फैसले को निरस्त कर दिया है. जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की एकलपीठ ने राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया को पहले से तय चरण के आधार पर दोबारा शुरू किया जाए.

2022 के विज्ञापन के आधार पर आगे बढ़ेगी भर्ती
अदालत ने 20 जुलाई 2022 को जारी भर्ती विज्ञापन और बाद में प्रकाशित संशोधित विज्ञापन के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि भर्ती की पूरी प्रक्रिया आदेश की प्रति प्राप्त होने के तीन महीने के भीतर पूरी की जाए. इस फैसले से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिली है, भर्ती प्रक्रिया रद्द किए जाने के खिलाफ आदित्य सैनी, युवराज लिंगम, टिकेश्वर राम, सुभद्रा पैंकरा, खेल साय, गौरव गोंड, दिलेश्वर राम, सोनम सिदार, प्रमोद जायसवाल और वृंदावती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता पवन श्रीवास्तव ने अदालत में पक्ष रखा.
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मेरिट सूची बनने के बाद भी रद्द कर दी गई थी भर्ती
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद चयन प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी. अभ्यर्थियों की मेरिट सूची भी तैयार कर ली गई थी और 23 अगस्त 2023 को दस्तावेज सत्यापन के लिए उम्मीदवारों को बुलाया गया था. इसके बावजूद 23 अप्रैल 2025 को हुई सामान्य सभा की बैठक में भर्ती प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से भर्ती कराने का निर्णय लिया गया, याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में बताया गया कि भर्ती रद्द करने के पीछे बड़ी संख्या में आवेदन मिलने और प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लगने का तर्क दिया गया था. हालांकि, महाविद्यालय के डीन ने 19 जून 2025 को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को भेजे पत्र में भर्ती के आंकड़ों की जानकारी दी थी.
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों का विवरण
डीन के पत्र के अनुसार, कुल 448 पदों के लिए 55,335 आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें तृतीय श्रेणी के 63 पदों के लिए 10,374 आवेदन आए थे, जबकि चतुर्थ श्रेणी के 385 पदों के लिए 44,961 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करने के निर्णय को निरस्त करते हुए पुरानी चयन प्रक्रिया को उसी चरण से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है, जहां इसे रोका गया था. अब राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को अदालत के आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी होगी.