CG News: झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले पर भड़की कांग्रेस, पीड़ित परिवारों के साथ आंदोलन का फैसला
CG News: झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने असंतोष जताया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने स्पष्ट किया है कि पार्टी और पीड़ित परिवार अदालत के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं. कांग्रेस ने अब इस मामले में न्याय पाने के लिए चरणबद्ध राजनीतिक आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है.
राहुल गांधी के साथ दिल्ली में हुई अहम बैठक
दीपक बैज के अनुसार 26 सितंबर को दिल्ली में झीरम पीड़ित परिवारों और पार्टी नेताओं की राहुल गांधी के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई. इससे पहले 19 सितंबर को रायपुर कांग्रेस भवन में भी पीड़ितों की बैठक बुलाई गई थी. दिल्ली में हुई चर्चा के दौरान राहुल गांधी के सामने पूरी स्थिति रखी गई और आगे की कानूनी व राजनीतिक लड़ाई का खाका तैयार किया गया.
मास्टरमाइंड्स तक न पहुंचने पर उठाए सवाल
कांग्रेस का आरोप है कि इस भीषण षड्यंत्र में शामिल बड़े माओवादी कैडर और असली मास्टरमाइंड अब भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं. बैज ने कहा कि NIA कोर्ट द्वारा 10 आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने के बावजूद कई अहम सवाल अनुत्तरित हैं. पार्टी का मानना है कि जब तक साजिश की अंतिम कड़ियों तक जांच नहीं पहुंचती, तब तक पूर्ण न्याय संभव नहीं है.
25 मई 2013 की त्रासदी का घटनाक्रम
उल्लेखनीय है कि 25 मई 2013 को झीरम घाटी में हुए इस बर्बर हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित 27 लोगों की जान चली गई थी और 38 लोग घायल हुए थे. NIA कोर्ट द्वारा सितंबर 2026 में सुनाया गया मृत्युदंड का फैसला अंतिम नहीं है, क्योंकि नियमों के अनुसार इस सजा की पुष्टि उच्च न्यायालय से होना अनिवार्य है और इसके खिलाफ अपील का भी विकल्प मौजूद है.
दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही शुरू होगा आंदोलन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने संकेत दिए हैं कि दिल्ली से शीर्ष नेतृत्व का अंतिम मार्गदर्शन मिलते ही पार्टी सड़क पर उतरेगी. कानूनी और न्यायिक लड़ाई के साथ-साथ अब राजनीतिक मंचों से भी पीड़ित परिवारों के लिए आवाज बुलंद की जाएगी. कांग्रेस का कहना है कि जब तक सभी दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा.