CG News: सुखदेव भगत बने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी, भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी
CG News: छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है. सुखदेव भगत को पार्टी का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है. वहीं, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी रहे भूपेश बघेल को इस जिम्मेदारी से हटाकर असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है. इसके साथ ही अब तक छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी संभाल रहे सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है. इस बदलाव को कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल और आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है.
पंजाब की गुटबाजी बनी बदलाव की वजह
भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटाए जाने के पीछे पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को प्रमुख कारण माना जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक लगातार बघेल की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाते रहे थे. चन्नी गुट का आरोप था कि पंजाब के जमीनी हालात की सही जानकारी पार्टी हाईकमान तक नहीं पहुंचाई गई. ‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ अभियान के दौरान भी कई जगह बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ विरोध और नारेबाजी देखने को मिली थी.
सुखदेव भगत का राजनीतिक सफर
छत्तीसगढ़ के नए प्रभारी सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा से कांग्रेस सांसद हैं. उनका जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की है. राजनीति में आने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे, लेकिन 2005 में नौकरी छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बने. वे झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 2019 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने 2022 में कांग्रेस में वापसी की और 2024 के लोकसभा चुनाव में लोहरदगा से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे.
छत्तीसगढ़ में संगठन मजबूत करना चुनौती
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही है. नए प्रभारी के सामने वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की चुनौती होगी. इसके अलावा बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति तैयार करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है. प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी नए प्रभारी के लिए अहम रहेगी.
पंजाब में पायलट के सामने एकजुटता की चुनौती
सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी ऐसे समय दी गई है, जब कांग्रेस में लंबे समय से अंदरूनी मतभेद और गुटबाजी की चर्चा होती रही है. पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि पायलट अपने संगठनात्मक अनुभव के जरिए विभिन्न गुटों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकेंगे. उनकी छवि युवा और सक्रिय नेता की रही है, जिसका इस्तेमाल कांग्रेस पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए करना चाहती है. अब सुखदेव भगत और सचिन पायलट की नई जिम्मेदारियों के साथ कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में आगे और बदलाव की संभावना भी बनी हुई है.