CG News: UCC पर CM साय का बड़ा ऐलान, 5 सदस्यीय समिति ने शुरू किया काम
CG News: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में UCC से संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा. प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने भी काम शुरू कर दिया है. 27 अगस्त को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में समिति की राज्य स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित हुई, जिसमें करीब 200 प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कानून विशेषज्ञों को चर्चा के लिए बुलाया गया.

समाज के अलग-अलग वर्गों से लिए जाएंगे सुझाव
सरकार UCC का मसौदा तैयार करने से पहले व्यापक स्तर पर सुझाव जुटाने की तैयारी में है. समिति प्रस्तावित कानून के प्रावधानों, उनके सामाजिक प्रभाव और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करेगी. धार्मिक, सामाजिक और विधिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी अलग-अलग चरणों में संवाद किया जाएगा. सरकार का कहना है कि सभी समुदायों के अधिकारों, परंपराओं और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही मसौदा तैयार किया जाएगा.

5 सदस्यीय समिति करेगी कानूनों का अध्ययन
UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. समिति में शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत, मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह सदस्य हैं. समिति अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ का अध्ययन करेगी और विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा करेगी.
UCC में किन मामलों को किया जाएगा शामिल
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है. इसके तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, संपत्ति के उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन संबंधों जैसे विषयों पर समान नियम बनाए जाने की चर्चा है. प्रस्तावित व्यवस्था में महिला और पुरुषों के अधिकारों में समानता तथा अलग-अलग पर्सनल लॉ से जुड़ी कानूनी जटिलताओं को कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है. संविधान के अनुच्छेद 44 में भी राज्य को समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है.
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की रणनीति
समिति विभिन्न क्षेत्रों से सुझाव लेने और मौजूदा कानूनों का अध्ययन करने के बाद UCC का प्रारूप तैयार करेगी. इसके बाद रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपी जाएंगी, जिसके आधार पर आगे की विधायी प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि सभी पक्षों से चर्चा और व्यापक अध्ययन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. छत्तीसगढ़ में इस पहल के साथ UCC को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.
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