CG News: बिलासपुर से फ्लाइट टिकट में भारी बढ़ोतरी, प्रयागराज और कोलकाता रूट पर 100 से 150% तक महंगा सफर
CG News: क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान’ के तहत मार्च 2021 में चकरभाठा एयरपोर्ट से नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू की गई थीं, जिसका उद्देश्य आम यात्रियों को किफायती हवाई सेवा उपलब्ध कराना था. शुरुआत में बिलासपुर से प्रमुख शहरों के लिए टिकट अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिलते थे, लेकिन अब कई रूट पर किराए में काफी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. प्रयागराज और कोलकाता जैसे रूट पर किराया पहले की तुलना में करीब 100 से 150 फीसदी तक बढ़ने की बात सामने आई है. किराए में इस बढ़ोतरी के पीछे ATF की कीमत, एयरपोर्ट शुल्क, सुरक्षा शुल्क और एयरलाइंस की मांग आधारित किराया व्यवस्था को प्रमुख कारण बताया जा रहा है.
प्रयागराज का किराया 6 हजार के पार
उपलब्ध किराया आंकड़ों के मुताबिक, बिलासपुर से प्रयागराज का टिकट पहले करीब 1,999 से 2,500 रुपये के बीच उपलब्ध होता था, लेकिन अब यह औसतन 5,800 से 6,500 रुपये तक पहुंच गया है. इसी तरह बिलासपुर से कोलकाता का किराया पहले करीब 2,200 से 3,000 रुपये था, जो अब बढ़कर औसतन 6,300 से 7,500 रुपये तक पहुंच गया है. दिल्ली रूट पर भी पहले करीब 4,500 से 5,500 रुपये का किराया था, जो अब लगभग 6,700 से 8,800 रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है.
अतिरिक्त शुल्क से भी बढ़ रहा बोझ
टिकट की कीमत के अलावा यात्रियों को कई तरह के अतिरिक्त शुल्क भी चुकाने पड़ रहे हैं. ATF की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण फ्यूल सरचार्ज करीब 800 रुपये तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है. इसके अलावा एयरपोर्ट के इस्तेमाल के लिए User Development Fee, UDF और सुरक्षा व्यवस्था के लिए Aviation Security Fee, ASF भी टिकट में शामिल होती है. दोनों शुल्कों को मिलाकर करीब 500 से 525 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है. इस तरह फ्यूल सरचार्ज और अन्य शुल्क मिलाकर प्रति टिकट करीब 1,300 से 1,400 रुपये तक अतिरिक्त लागत जुड़ने की बात कही जा रही है.
डायनामिक प्राइसिंग से अंतिम समय में महंगा टिकट
बिलासपुर से संचालित उड़ानों में मांग के आधार पर किराया तय करने की व्यवस्था भी लागू है. डायनामिक प्राइसिंग के तहत सीटों की उपलब्धता कम होने और यात्रा की तारीख नजदीक आने पर टिकट की कीमत बढ़ती जाती है. ऐसे में अंतिम समय पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ सकता है. यही वजह है कि एक ही रूट पर अलग-अलग तारीखों और समय के अनुसार टिकट की कीमत में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है.
उड़ान योजना के उद्देश्य पर उठ रहे सवाल
बढ़ते हवाई किराए को लेकर यात्रियों में नाराजगी है. यात्रियों का कहना है कि ‘उड़ान’ योजना का उद्देश्य छोटे शहरों को किफायती हवाई सेवा से जोड़ना था, लेकिन लगातार बढ़ते किराए से इस उद्देश्य पर असर पड़ता दिखाई दे रहा है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से एयरलाइंस की किराया व्यवस्था को लेकर सख्ती के बावजूद बिलासपुर से दिल्ली, कोलकाता और प्रयागराज जैसे प्रमुख रूट पर यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है. ईंधन की कीमतों और विमानन क्षेत्र की अन्य लागतों के बीच किराए और अतिरिक्त शुल्क की निगरानी के साथ उचित नियामकीय कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है.
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