CG News: बिलासपुर फर्जी सर्पदंश मुआवजा घोटाले में 2 और पुलिसकर्मी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा
CG News: बिलासपुर में कथित फर्जी सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. पुलिस ने इस मामले में दो और पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मामला जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं.
फरार डॉक्टर और अन्य अधिकारियों की तलाश जारी
जांच के दौरान सिम्स के डॉक्टर एस.एन. बोले की तलाश जारी है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं. वहीं पूर्व तहसीलदार सहित कई अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामला विधानसभा में उठने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज की. नायब नाजिर की शिकायत पर सिविल लाइन, सरकंडा, कोनी, कोतवाली, तोरवा और सिरगिट्टी थाना क्षेत्रों में कथित फर्जी सर्पदंश से मौत के 15 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुरानी फाइलों की दोबारा जांच शुरू की गई.
जांच में सामने आया कथित फर्जीवाड़े का तरीका
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह सामान्य मौत के मामलों में मृतकों के परिजनों से संपर्क करता था और उन्हें सर्पदंश से मौत दर्शाकर सरकारी मुआवजा दिलाने का भरोसा देता था. आरोप है कि इसके लिए कथित रूप से फर्जी शपथपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे. इसके बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी कर मुआवजा राशि प्राप्त करने की कोशिश की जाती थी.
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की जा रही है. जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है.