CG News: छत्तीसगढ़ के मैनपाट में प्रस्तावित खदानों पर बढ़ा विवाद, मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
CG News: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में प्रस्तावित खनन परियोजना को लेकर विवाद अब राज्य सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है. स्थानीय लोगों के विरोध और जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों के बाद इस पूरे मामले पर सरकार ने समीक्षा का आश्वासन दिया है.
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने जताई आपत्ति
प्रस्तावित खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं. लोगों का कहना था कि खनन शुरू होने से क्षेत्र के पर्यटन, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. ग्रामीणों ने परियोजना पर पुनर्विचार की मांग की, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने पूरे मामले को प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के सामने रखा. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खनन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल, धार्मिक आस्था के केंद्र और अन्य आवश्यक तथ्यों का दस्तावेजों में पर्याप्त उल्लेख नहीं किया गया. उनका आरोप है कि इससे वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामने नहीं आ सकी.
सरकार ने दिया समीक्षा का भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने मामले को गंभीरता से सुना. उन्होंने कहा कि मैनपाट का पर्यटन महत्व, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के हित सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं. शासन स्तर पर पूरे मामले की समीक्षा किए जाने का भरोसा दिया गया है, सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में दस्तावेजों और तथ्यों में कोई गंभीर कमी सामने आती है, तो प्रस्तावित खनन परियोजना पर पुनर्विचार किया जा सकता है. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है.
पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन की बात
विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों की भावनाओं के अनुरूप होना चाहिए. उनका कहना है कि मैनपाट केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान है. ऐसे में यहां की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और ग्रामीणों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.