CG News: बालोद जंबूरी पर सवालों की बौछार, करोड़ों के खर्च के दावों के बीच ज़मीनी हकीकत ने खोली पोल
बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दुधली गांव में आयोजित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी अब अपने उद्देश्य से ज़्यादा अव्यवस्था और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। आयोजन को लेकर जहां कागजों में करोड़ों रुपये खर्च होने के दावे किए गए हैं, वहीं मौके पर मौजूद प्रतिभागियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझते देखा गया।
कागजों में करोड़ों, मैदान में बदहाली
आरोप है कि इस जंबूरी आयोजन पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च दिखाया गया है। अस्थायी शौचालय, स्नानघर और मूत्रालय की व्यवस्था के नाम पर ही 1.62 करोड़ रुपये दर्शाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक 400 टॉयलेट के लिए प्रति यूनिट 22 हजार रुपये का हिसाब लगाया गया, जबकि वीवीआईपी टॉयलेट और यूरिनल के लिए भी भारी किराया तय किया गया।
इसके उलट, आयोजन स्थल पर कई टॉयलेट बंद पड़े मिले, पानी की टंकियां खाली रहीं और बदबू व गंदगी से प्रतिभागी परेशान दिखे।
शुरुआत से ही विवादों में रहा आयोजन
नौ जनवरी से शुरू हुए इस पांच दिवसीय कार्यक्रम को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि टेंट और अन्य व्यवस्थाओं के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम शुरू करा दिया गया था। इस पर आपत्तियां भी सामने आई थीं, लेकिन बाद में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
टेंट और टॉयलेट की संख्या पर संदेह
जारी आदेशों में जहां 2,000 टेंट और 400 टॉयलेट का उल्लेख है, वहीं प्रत्यक्ष निरीक्षण में इनकी संख्या काफी कम बताई जा रही है। चूंकि यह अस्थायी निर्माण है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि आयोजन समाप्त होने के बाद भौतिक साक्ष्य समाप्त हो सकते हैं।
नियमों और फंड व्यवस्था पर भी सवाल
आरोप लगाने वालों का कहना है कि स्काउट्स एवं गाइड्स की नियमावली की अनदेखी कर मनमाने फैसले लिए गए। फंड ट्रांसफर, नियुक्तियों और पुराने वर्षों के कथित मामलों को लेकर भी जांच की मांग की जा रही है।
मंत्री का पक्ष
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि आयोजन समाप्त होने के बाद पूरे खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाएगा। उनका दावा है कि अभी तक किसी भी तरह का भुगतान नहीं किया गया है और सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार होंगी।
विपक्ष का हमला
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि यदि सत्ताधारी दल के भीतर से ही आरोप सामने आ रहे हैं, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे आयोजन की स्वतंत्र जांच की मांग की है।