CG News: दिल्ली दंगे केस में जमानत पर सियासत, ओवैसी ने यूएपीए को लेकर कांग्रेस को घेरा
CG News: दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के बाद सियासी हलकों में बयानबाज़ी तेज हो गई है, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए यूएपीए कानून को लेकर सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है.
यूएपीए के कड़े प्रावधानों के लिए कांग्रेस जिम्मेदार: ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यूएपीए के सख्त प्रावधान कांग्रेस के शासनकाल में बनाए गए, उन्होंने आरोप लगाया कि, यूपीए सरकार के दौरान, जब पी. चिदंबरम गृह मंत्री थे, तब कानून में ऐसे संशोधन किए गए जिनका आज दुरुपयोग हो रहा है.
लंबे समय तक जेल में रहने का कारण बना कानून
ओवैसी के अनुसार, यूएपीए के इन्हीं प्रावधानों के चलते उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे आरोपी वर्षों से जेल में बंद हैं, उन्होंने कहा कि, कानून की कठोरता के कारण जमानत पाना लगभग असंभव हो गया है.
“जमानत से इनकार का आधार अदालत ने खुद बताया”
ओवैसी ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत से इनकार करते हुए अपने आदेश में स्पष्ट कारण बताए हैं, उन्होंने दावा किया कि, अदालत ने उन्हीं कानूनी आधारों को स्वीकार किया है, जिन पर वे पहले ही सवाल उठा चुके थे.
संसद में पहले ही जता चुके थे आपत्ति
ओवैसी ने 2007-08 का हवाला देते हुए कहा कि, उन्होंने लोकसभा में यूएपीए की धारा 15(A) पर आपत्ति दर्ज कराई थी, उनका कहना था कि, आतंकवाद की परिभाषा को इतना व्यापक बना दिया गया है कि, इसका इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किया जा सकता है.
180 दिन की हिरासत पर भी सवाल
ओवैसी ने यूएपीए के क्लॉज 43D का जिक्र करते हुए कहा कि, इसके तहत बिना चार्जशीट के 180 दिनों तक हिरासत की अनुमति दी जाती है, उन्होंने आरोप लगाया कि, इस प्रावधान का प्रयोग विशेष रूप से अल्पसंख्यकों के खिलाफ अधिकतम अवधि तक हिरासत में रखने के लिए किया जाता है.
कांग्रेस ने कानून बनाया
ओवैसी ने कहा कि, जिस दुरुपयोग की चेतावनी उन्होंने संसद में दी थी, वही आज जमीनी हकीकत बन चुका है, उन्होंने सवाल किया कि, क्या आज़ादी के बाद किसी कांग्रेसी नेता को इतने लंबे समय तक बिना सजा जेल में रहना पड़ा है.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किया है, जबकि इसी मामले में कुछ अन्य आरोपियों को राहत दी गई है.