CG News : गरियाबंद: राशन दुकान में मची भगदड़, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घायल
CG News : गरियाबंद, छत्तीसगढ़: गरियाबंद के वार्ड क्रमांक 3 की राशन दुकान में रविवार सुबह उस समय भगदड़ मच गई जब नए मशीनी सिस्टम की ख़राबी के कारण लोग घंटों तक राशन के लिए इंतज़ार करते रहे. शासन ने मॉनसून को देखते हुए तीन महीने का राशन एक साथ देने के निर्देश दिए हैं, जिसके चलते सुबह से ही हितग्राहियों की लंबी कतार लग गई थी.
गुस्साए लोगों ने तोड़ा दरवाज़ा
घंटों इंतज़ार के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नारेबाज़ी शुरू कर दी. सेल्समैन ने पहले से ही गेट बंद कर रखा था, लेकिन बेकाबू भीड़ दरवाज़ा तोड़कर राशन दुकान की ओर दौड़ पड़ी. लोग इस तरह भागे जैसे कोई बड़ा हादसा हो गया हो. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
अफरा-तफरी में कई लोग घायल
राशन जल्दी पाने की होड़ में लोगों में धक्का-मुक्की हो गई. इस अफ़रा-तफ़री में कई महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे ज़मीन पर गिर पड़े, जिससे उन्हें चोटें आईं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को बुलाना पड़ा, जिन्होंने लोगों को समझाकर शांत किया.
तकनीकी खामी बनी मुसीबत की जड़
सेल्समैन रमेश निर्मलकर ने बताया कि नए मशीन सिस्टम से वितरण में देरी हो रही है. एक हितग्राही को राशन देने में दो से तीन बार OTP दर्ज करना पड़ रहा है या छह बार फ़िंगर प्रिंट लेने पड़ रहे हैं. सर्वर बार-बार डाउन हो जाता है, जिससे एक व्यक्ति को राशन देने में आधे घंटे से ज़्यादा का समय लग रहा है. उन्होंने बताया कि दिनभर में केवल 20 से 22 कार्डधारियों को ही राशन मिल पा रहा है. सेल्समैन ने शासन से जल्द समाधान की मांग की है.हितग्राहियों ने भी अपनी परेशानी बताई. उनका कहना था कि वे गरीब परिवार से हैं और रोज़ काम पर जाना होता है. घंटों लाइन में लगने से उनका समय बर्बाद होता है. उन्होंने व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की.
उपभोक्ता राधा बाई ने बताया कि सर्वर डाउन होने से और लंबी लाइन होने के कारण उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि भीड़ इतनी ज़्यादा है कि लोग एक-दूसरे को रौंदते हुए आगे बढ़ गए. उन्होंने लाइन से राशन देने और सप्ताह में पूरे दिन दुकान खोलने की मांग की, साथ ही सुझाव दिया कि दुकान सुबह 10 बजे के बजाय 7 बजे खुले ताकि ज़्यादा समय मिल सके.
उमेश कुमार भावे ने शिकायत की कि वे आठ दिनों से राशन के लिए आ रहे हैं, लेकिन लाइन इतनी लंबी होती है कि उनका नंबर ही नहीं आता. उन्होंने सेल्समैन की संख्या बढ़ाने या सप्ताह में तारीख तय करके लोगों को बुलाने का सुझाव दिया. राज्य सरकार ने बारिश से प्रभावित ज़िलों में लोगों तक एक साथ तीन महीने का राशन पहुंचाने के लिए चावल उत्सव शुरू किया है, लेकिन तकनीकी ख़ामी के चलते राशन वितरण के काम में लगातार समस्या आ रही है.