CG NEWS : बरेला में अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन का सख्त रुख
CG NEWS : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के नगर पंचायत बरेला क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और बिना भवन अनुज्ञा के हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इस मामले में 9 लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन अभी तक किसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगला नोटिस अंतिम होगा और फिर बिना सुनवाई के सीधे एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण कार्यों पर लगेगा ब्रेक
नगर पंचायत क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा भूमि की अवैध रूप से प्लाटिंग कर उसकी खरीद-बिक्री की जा रही थी। साथ ही, कई जगहों पर बिना अनुमति के भवन निर्माण कार्य भी चल रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मुंगेली ने ऐसे सभी भूखंडों की रजिस्ट्री और लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही बिना भवन अनुज्ञा के जारी निर्माण कार्यों को भी तत्काल बंद करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अब बिना जवाब के होगी एकपक्षीय कार्रवाई
नायब तहसीलदार प्रकृति ध्रुव ने जानकारी दी कि पहले जारी किए गए नोटिस का कोई जवाब नहीं आने पर अब एक अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी यदि जवाब नहीं मिला, तो प्रशासन संबंधित लोगों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा, जिसमें निर्माण को ध्वस्त करना, जुर्माना लगाना और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्यवाही शामिल होगी।
नगर पंचायत बरेला के सीएमओ सी.बी. बांधे ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति, चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, नियमों के उल्लंघन पर बख्शा नहीं जाएगा। जो भी कार्रवाई नियमानुसार प्रस्तावित होगी, उसे पूरी कठोरता से लागू किया जाएगा।
जिलेभर के लिए सख्त संदेश
बरेला में प्रशासन द्वारा की जा रही यह सख्त कार्रवाई पूरे जिले के लिए एक कड़ा संदेश है कि अब अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। यह कदम नगर विकास को नियमबद्ध और नियंत्रित ढंग से आगे बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है — बशर्ते इसे बिना किसी भेदभाव और दबाव के पूरी निष्पक्षता से लागू किया जाए।
जिला मुख्यालय में कार्रवाई कब?
हालांकि, सवाल यह भी उठता है कि ऐसी सख्ती कब मुंगेली जिला मुख्यालय के नगर पालिका क्षेत्र में देखने को मिलेगी? यहां कृषि भूमि को सस्ते दामों पर खरीदकर अवैध प्लाटिंग कर मोटा मुनाफा कमाने का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। अक्सर शिकायत मिलने या मीडिया में खबर आने पर नोटिस भेजे जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। इस लापरवाही के चलते भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं और ‘रोक सको तो रोक लो’ के अंदाज में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।