CG News: राहुल गांधी की माओवादी समर्थकों से मुलाकात पर बवाल, डिप्टी सीएम बोले – देश की पीठ में छुरा घोंपने जैसा कृत्य
CG News: जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में माओवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक कार्रवाई के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित माओवादी समर्थकों से मुलाकात पर सियासत गरमा गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राहुल गांधी का यह कदम देश की सुरक्षा और अखंडता के खिलाफ है। जगदलपुर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, “एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार माओवाद समर्थित आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी माओवादी समर्थकों के बिचौलियों से मुलाकात कर देश की पीठ में छुरा घोंपने जैसा कार्य कर रहे हैं।
ऑपरेशन कागर से माओवाद को करारा झटका
डिप्टी सीएम ने यह भी जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन कागर के तहत पिछले 15 महीनों में अब तक 447 माओवादी मारे जा चुके हैं, 1200 से अधिक की गिरफ्तारी हुई है और लगभग इतनी ही संख्या में माओवादियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। उन्होंने इसे माओवादी आंदोलन के लिए एक बड़ा झटका बताया।
विवाद का केंद्र: 9 मई की बैठक
पूरा विवाद 9 मई को दिल्ली में राहुल गांधी और “कोऑर्डिनेशन कमेटी फॉर पीस (CCP)” के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक से शुरू हुआ है। यह समूह केंद्र सरकार और सीपीआई (माओवादी) के बीच वार्ता शुरू करने की वकालत कर रहा है। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने माओवादी विरोधी अभियानों में आदिवासियों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया और राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पीयूसीएल की कविता श्रीवास्तव, शांति वार्ता समिति के प्रो. जी. हरगोपाल, रिटायर्ड जस्टिस चंद्र कुमार, भारत बचाओ आंदोलन के डॉ. एम.एफ. गोपीनाथ, झारखंड जन अधिकार महासभा के दिनेश मुर्मु और लेखिका मीना कंडास्वामी शामिल थे।
कांग्रेस की नीति पर उठे सवाल
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने राहुल गांधी की इस बैठक को कांग्रेस की माओवाद के प्रति नरम नीति करार दिया और कहा, “जनता सब देख रही है। ऐसे व्यवहार को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।” विपक्ष के इस कदम को लेकर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में और अधिक तीखा रूप ले सकता है।