CG News : माओवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर 31 माओवादी ढेर
CG News : छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित दुर्गम कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए बड़े और निर्णायक अभियान में 31 माओवादी मारे गए। यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जो माओवादी नेटवर्क को एक गहरा झटका है।
अभियान की मुख्य बातें:
- 31 माओवादी ढेर: सभी मृत माओवादी कुख्यात कमांडर हिड़मा की बटालियन के सक्रिय सदस्य थे।
- पहचान और शव सौंपना: 20 माओवादियों की पहचान हो चुकी है और 11 शव परिजनों को सौंपे गए हैं। बाकी की पहचान की जा रही है।
- भारी हथियार बरामद: मौके से हथियारों का जखीरा, विस्फोटक सामग्री और 200+ आईईडी जब्त किए गए।
- माओवादियों का कॉरिडोर ध्वस्त: कर्रेगुट्टा अब माओवादियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर नहीं रहा, जो पहले तेलंगाना में शरण लेने का रास्ता था।
- तकनीकी सहायता: अभियान में एनटीआरओ की सैटेलाइट निगरानी, ड्रोन, और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया।
- जवानों का बलिदान: ऑपरेशन में तेलंगाना ग्रेहाउंड्स के तीन जवान शहीद, और सीआरपीएफ व छत्तीसगढ़ पुलिस के कई जवान घायल हुए हैं।
- लोन वर्राटू अभियान को बढ़ावा: दंतेवाड़ा में एक महिला समेत 6 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या अब 973 हो गई है।
17 दिन चला ऑपरेशन, 10,000 जवान तैनात
भीषण गर्मी के बीच चला यह ऑपरेशन पिछले 17 दिनों से जारी था, जिसमें 10,000 से अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। हर दिशा से कर्रेगुट्टा को घेरकर माओवादियों को अलग-थलग किया गया। इसके बाद हुई मुठभेड़ ने माओवादी नेटवर्क को बुरी तरह हिला दिया है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया:
सुरक्षा एजेंसियों ने इसे “माओवादियों के खिलाफ सबसे बड़ी सामरिक सफलता” बताया है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद माओवादी अब इस क्षेत्र में पैर जमाने की स्थिति में नहीं रहेंगे।
शहीदों को श्रद्धांजलि
इस बहादुर ऑपरेशन में जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। शहीद जवानों की कुर्बानी को देश हमेशा याद रखेगा।