CG News : मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में 51 हजार परिवारों को मिली खुशियों की चाबी
CG News : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित पीजी कॉलेज मैदान में आज एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब 51 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नव-निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई। यह आयोजन “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पीएम जनमन के तहत नई शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों के 51,000 लाभार्थियों को गृह प्रवेश कराया गया। चाबी प्राप्त करते समय कई परिवारों की आँखों में ख़ुशी के आँसू थे — यह सिर्फ़ एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, स्थिरता और आत्मनिर्भरता की ओर कदम था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की अध्यक्षता
इस विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा:
“यह केवल घर नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य की नींव है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक के सिर पर एक पक्का छत हो और उसका जीवन बेहतर हो।”
लखपति दीदियों को मिला मंच पर सम्मान
कार्यक्रम की एक और ख़ास बात रही उन स्व सहायता समूह की महिलाओं को मंच पर सम्मानित करना, जिन्हें “लखपति दीदी” कहा जाता है। ये महिलाएं अपने परिश्रम और उद्यमिता से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी हैं।
सम्मानित दीदियों में वे महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने छोटे-छोटे व्यवसायों, महिला स्व-सहायता समूहों और कौशल विकास के ज़रिए अपनी आय लाखों में पहुँचाई है।
कार्यक्रम की झलकियाँ:
- 51,000 परिवारों को आवास की चाबी सौंपना
- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन
- लखपति दीदियों का सम्मान
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और ग्रामीण सहभागिता
- योजनाओं की सफलता पर प्रदर्शनी
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
चाबी प्राप्त करने वाले एक लाभार्थी रामबाई नेताम ने बताया:
“हमारा सपना था कि पक्का मकान हो, बच्चों को सुरक्षित जगह मिले — आज वह सपना पूरा हुआ। हम सरकार के आभारी हैं।”
आगे की राह
“मोर आवास मोर अधिकार” सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ग्रामीण विकास क्रांति का प्रतीक बनता जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि हर बेघर को छत मिले और हर परिवार को जीवन जीने का अधिकार।